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Moradabad News: पीतल नगरी बस स्टैंड पर भी अनुबंधित बसों की पार्किंग से दिक्कत

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मुरादाबाद। पीतल नगरी बस स्टैंड स्टेशन परिसर में अनुबंधित बसों की पार्किंग से समस्या पैदा होने लगी है। स्टेशन प्रभारी ने इस संबंध में बस मालिकों से बसों को बस स्टैंड पर पार्किंग नहीं करने को कहा है। इसके साथ ही मुरादाबाद डिपो के साथ अब पीतल नगरी डिपो के बस स्टैंड पर अनुंबंधित बसों की पार्किंग के कारण परिसर में अव्यवस्था बनी रहती है। इससे यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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पीतल नगरी डिपो से 232 बसों का संचालन होता हैं। इनमें 146 बसें अनुबंधित हैं। स्टेशन प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि रात में प्रतिदिन करीब 40-45 अनुबंधित बसों के चालक बसों को लाकर बस स्टैंड पर जहां-तहां खड़ी कर जाते हैं। इससे बस स्टैंड पर संचालित बसों को पार्किंग क्षेत्र में खड़ी करने तक की जगह नहीं रहती। यात्रियों को भी इससे परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि कई बार व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से बस स्वामियों से अपील की है कि वे अपनी बसों को पार्किंग क्षेत्र में खड़ा न करें, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इससे यातायात बाधित हो रहा है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि बस चालक अक्सर वाहन को अनियंत्रित ढंग से खड़ा करके चले जाते हैं। परिसर में ही कूड़ा फेंकना, बसों की धुलाई और तकनीकी मरम्मत कराना आम हो गया है, जो स्वच्छता और व्यवस्था के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने अनुबंधित बस चालकों से व्यवस्था बनाए रखने, स्टेशन परिसर में बसें पार्क न करने की अपील की है।
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परिचालकों की कमी के कारण खड़ी करनी पड़ती बसें: अमित
मुरादाबाद। अनुबंधित बस एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष अमित गुप्ता ने पीतल नगरी डिपो के अधिकारियों को ही बसों के खड़ा रहने के लिए जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय से वैकेंसी के आधार पर पीतल नगरी डिपो में अनुबंधित बसें लगाई गई हैं। अनुबंधित बसों के सभी मानक पूरे हैं। बस ओनर्स ने बसें खरीद कर रोडवेज के सुपुर्द की है। विभागीय नियमों के तहत ही उनका संचालन होता है।
उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि पीतल नगरी डिपो में परिचालकों की कमी है। जिसके कारण बसें डिपो में खड़ी रहती हैं। अगर परिचालकों की संख्या पूरी हो तो बसें खड़ी रहने के बजाय रनिंग में रहेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 साल से अनुबंधित बसें बस स्टैंड परिसर में ही खड़ी रहती हैं। शहर के अंदर सड़क पर अथवा अन्य कोई स्थान ऐसा नहीं है जहां बसें खड़ी की जा सकें।
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