मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने के लिए नए साधनों की खोज करनी होगी। प्रत्येक पंचायत को अपने लिए एक बिजनेस मॉडल को अपनाना होगा ताकि खुद खर्च करने की ताकत बढ़ा सके।
यह बातें कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने पंचायत भवन सभागार में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन-2 के कार्यों के मंडलीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करना होगा। ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है ताकि ग्राम पंचायत अपनी आवश्यकता के अनुरूप खर्च कर सके। इसके लिए प्रत्येक पंचायत को एक बिजनेस मॉडल की योजना तैयार करनी होगी। इसके पूर्व कार्यशाला में उपनिदेशक पंचायत अभय कुमार यादव ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025, ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम के स्थायित्व और सृजित परिसंपत्तियों की क्रियाशीलता पर प्रकाश डाला। साथ ही मंडल के सभी जनपदों की पंचायत सचिवालयों के कार्य की प्रगति की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यशाला में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 विषय पर मंडलीय कंसल्टेंट डॉ. विनोद पांडेय ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। रामपुर के जिला कंसल्टेंट अनुज कुमार और अमरोहा की प्रीति ने राज्य स्तर से जारी आरआरसी संचालन के लिए रैंप और ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम सर्वे का प्रस्तुतिकरण किया। ओडीएफ प्लस मॉडल में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में मंडल के सभी डीपीआरओ, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी, डॉ. नवनीत शेखर सिंह, मंडलीय कंसल्टेंट मो. तैय्यब, जवाहर लाल, गिरीश कुमार, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।