रामगंगा विहार हाई स्ट्रीट स्थित निर्माणाधीन सोसाइटी के खुले सेप्टिक टैंक में छह दिनों से लापता बच्चे का शव शनिवार की शाम उतराता मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे की मौत डूबने से हुई है।
अंत में पांच मई को पति ने सिविल लाइंस थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। इस बीच शनिवार देर शाम सोसाइटी के गार्ड ने निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में तराता हुआ देखा। टैंक खुला हुआ था। रविवार सुबह शव की शिनाख्त होने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
पिता हसीब ने बताया कि उसके गांव की रहने वाली महिला से घटना के दो दिन पहले विवाद हुआ था। महिला ने धमकी दी थी वह पूरे परिवार को देख लेगी। उसने कहा कि धमकी देने वाली महिला गायब है।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने परिजनों को समझाबुझा कर शांत किया। फिर भी महिलाएं सोसाइटी के बाहर धरना देकर बैठी हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे की मौत डूबनेa की वजह से हुई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के पेट से काफी पानी भर गया था। बच्चे के पिता हसीब ने आर्किटेक्ट और ठेकेदार के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी।
आरोप लगाया है कि टैंक को आर्किटेक्ट ने ढकवाया नहीं था। इसी वजह से उसका बेटा टैंक में गिर गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि परिजनों ने तहरीर देकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं। जांच के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।