मुरादाबाद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि इस बार खाते में तभी आएगी, जब फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान आईडी बनी हुई होगी। वर्ष 2025 के दौरान जिले में सम्माननिधि पाने वाले 299261 किसानों में 182894 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन पाई हैं, जो 61.12 प्रतिशत है।
किसानों को एक यूनिक आईडी नंबर देकर उसी में उसका पूरा रिकॉर्ड रखने की कवायद शासन की ओर से की जा रही है। किसान रजिस्ट्री को किसान गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिसके कारण सालभर में 61.12 प्रतिशत किसानों की ही आईडी बन पाई है, शेष किसानों की किसान रजिस्ट्री बननी शेष है। क़ृषि निदेशालय में फार्मर रजिस्ट्री (फार्मिंग रजिस्ट्री) न करने वाले किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा, जो किसान पीएम किसान सम्मान निधि के पात्र नहीं हैं, लेकिन अन्य योजनाओं का लाभ तो उन्हें मिलता है, यदि उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री न बनवाने से वह भी सभी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
उपनिदेशक (कृषि) संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि कृषि फार्मिंग रजिस्ट्री करने के लिए कृषि विभाग के साथ साथ राजस्व विभाग, भूमि संरक्षण विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को भी लगाया गया था। पंचायत राज विभाग में खंड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद अभी 61.12 प्रतिशत किसानों की ही आईडी बन पाई है, इसके अलावा 27236 ऐसे किसानों की भी किसान रजिस्ट्रीट बनी हैं, जो पीएम किसान सम्माननिधि प्राप्त नही्ं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान रजिस्ट्री सभी किसानों को बनवानी है, चाहे वह पीएम किसान निधि ले रहे हों या नहीं। किसान अपने निकटतम जन सुविधा केंद्र पर जाकर किसान आईडी बनवा सकते हैं, इसके लिए किसान को आधार कार्ड, खतौनी व मोबाइल फोन नंबर चाहिए। मोबाइल फोन नंबर पर ओटीपी आता है। सरकार का किसानों की भूमि को आधार से लिंक करना चाहती है, ताकि किसानों को सभी योजनाओं का लाभ मिल सके।