मुरादाबाद। मुरादाबाद ऑप्थैल्मिक सोसायटी की ओर से दिल्ली रोड स्थित एक होटल में होली उत्सव मनाया गया। समारोह में वक्ताओं ने नवीनतम नेत्र शोध पर अपना वक्तव्य दिया। इसमें मेरठ से डॉ. प्रख्यात रूप, मुरादाबाद से डॉ. नीतू वार्ष्णेय और डॉ. प्रिय सुमन रस्तोगी ने कहा कि नई तकनीक के सहयोग से अब आपरेशन के दौरान पूरी पुतली बदलने की जरूरत नहीं है।
कहा कि पुतली में छह परतें होती हैं। जिस परत की जो बीमारी है, परीक्षण के बाद सिर्फ उस परत का उपचार किया जा सकता है। सिर्फ उसी परत को बदलकर आंख की परेशानी दूर सकते हैं और आंखों की रोशनी वापस लौट सकती है। एक स्वस्थ काली पुतली को तीन मरीजों को अलग-अलग को ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में लोग अभी भी पुतली डोनेट नहीं करते हैं। इसकी वजह से मरीजों को काफी महंगा उपचार लेना पड़ता है। इसके बाद सोसायटी के सदस्यों ने प्राकृतिक गुलाल, फूलों की होली का आनंद लिया। इस दौरान अध्यक्ष डॉ. इरम परवीन, सचिव डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. कुशा यादव गोयल, डॉ. पीके पांडेय, डॉ. अशोक बजाज, डॉ. गोपेश, डॉ. ब्रजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।