महानगर के एक संस्थान में नर्सिंग की पढ़ाई करने आई नाइजीरिया की एक लड़की खुफिया एजेंसियों को गच्चा देकर गायब हो गई। वह पूरे डेढ़ साल तक एजेंसियों को चकमा देती रही। नाइजीरियन नर्स के ड्रग तस्करों के संपर्क में आने का इनपुट मिलने के बाद एजेंसियों में खलबली मच गई।
नर्स के खिलाफ देश के सभी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों और इमीग्रेशन चेक पोस्ट को लुक आउट नोटिस जारी किया गया। नर्स का सुराग लगाने कें लिए इंटेलीजेंस एजेंसियों ने मुरादाबाद में मौजूद नर्स के नाइजीरियन दोस्तों से भी कई चरणों में लंबी पूछताछ की।
अब करीब डेढ़ साल बाद यह नर्स करीब एक माह पहले चंडीगढ़ के एक अस्पताल से पकड़ी गई है। मेडिकल में नाइजीरियन नर्स गर्भवती निकली। एंबेसी के जरिए नर्स को उसके देश लौटा दिया गया है।
खुफिया एजेंसियों के रिकार्ड के अनुसार यह नाइजीरियन लड़की टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। उसने मुरादाबाद के एक संस्थान में नर्सिंग कोर्स में दाखिला लिया था। करीब डेढ़ साल पहले उसका कोर्स पूरा होने के बाद लोकल इंटेलीजेंस एजेंसियों ने उसे अपने देश नाइजीरिया लौटने को कहा था।
लेकिन इस नाइजीरियन लड़की ने मुरादाबाद में ही रुकने की इच्छा जताते हुए वीजा बढ़ाने की अर्जी दे दी थी। एजेंसियां उसकी अर्जी पर अभी गौर कर ही रही थीं कि नाइजीरियन नर्स अचानक गायब हो गई। जिससे एजेंसियों में खलबल मच गई। एजेंसियों की बेचैनी उस वक्त बढ़ी जब नर्स के ड्रग तस्करों के टच में होने के इनपुट से एजेंसियों को मिला।
इसके बाद एजेंसियों ने मुरादाबाद में मौजूद नर्स के नाइजीरियन दोस्तों से पूछताछ शुरू की जो मुरादाबाद के उसी संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं। नर्स के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करके उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
हालांकि वीजा के सिलसिले में नर्स द्वारा अपना वीजा लोकल इंटेलीजेंस आफिस में जमा कर दिए जाने से उसके विदेश निकल भागने की आशंका कम ही थी। करीब डेढ़ साल लंबी पड़ताल के बाद एजेंसियों को पता चला कि लापता नाइजीरियन नर्स चंडीगढ़ में अपने ही देश की एक लड़की के संपर्क में है।
लोकल इंटेलीजेंस द्वारा मुहैय्या कराए गए इनपुट के आधार पर एजेंसियों ने चंडीगढ़ में एक अस्पताल पर छापा मारकर नर्स को पकड़ लिया। नाइजीरियन नर्स चंडीगढ़ के एक अस्पताल में नौकरी कर रही थी। नर्स गर्भवती थी और उसने अपने ब्वायफ्रेंड का नाम भी एजेंसियों को बताया।
मुरादाबाद में पढ़ रहे 38 नाइजीरियन छात्र
मौजूदा वक्त में मुरादाबाद में 38 नाइजीरियन छात्र - छात्राएं हैं जो मेडिकल से इंजीनियरिंग तक तमाम कोर्स कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आर्थिक रूप से कुछ कमजोर होने की वजह से ड्रग तस्करों की नजर नाइजीरियन छात्र - छात्राओं पर अधिक होती है। लिहाजा एजेंसियां भी लगातार इन छात्र - छात्राओं को वॉच करती हैं। हालांकि मित्र देश से होने के नाते नाइजीरियन छात्र - छात्राओं के साथ एजेंसियों का व्यवहार दोस्ताना ही रहता है।
36 पाक नागरिक भी लापता
मुरादाबाद मंडल से 36 पाक नागरिक भी लंबे वक्त से लापता हैं। इनमें से कुछ के तो जिंदा होने की उम्मीद भी एजेंसियां छोड़ चुकी हैं। ये पाक नागरिक नब्बे के दशक से लेकर 2006 के बीच गायब हुए थे। ये सभी अपने नाते रिश्तेदारों से मिलने के बहाने आए थे लेकिन फिर अचानक गायब हो गए। भारत में गुम होने के वक्त इनमें से छह - सात की उम्र 80 वर्ष के ऊपर थी। लिहाजा एजेंसियां ये मानती हैं कि ये पाक नागरिक अब शायद ही जिंदा बचे हों। लापता पाक नागरिकों में एक नया नाम ढाई साल पहले जुड़ा।