भारत में निर्मित अत्याधुनिक सेमी हाईस्पीड ट्रेन -18 पहले दिन एक सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रविवार को सुबह दस बजे मुरादाबाद और नगीना के बीच दौड़ी। मंगलवार से इस ट्रेन को स्टेशन के प्लेटफार्म से ही ट्रायल के लिए चलाया जाएगा।
आठ माह में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार की गई भारतीय रेल की अत्याधुनिक ट्रेन -18 शनिवार दोपहर मुरादाबाद लाई गई थी। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन लखनऊ की टीम ने दो दिन तक तकनीकी जांच की । ट्रेन के इंजन और डिब्बों की साफ सफाई से लेकर उसके पहिये, ब्रेक, कंपन आदि की तकनीकी जांच की गई। इसी के बाद ट्रेन को ट्रायल के लिए हरी झंडी दी गई।
यह ट्रेन रविवार सुबह सवा दस बजे मुरादाबाद से नजीबाबाद के लिए रवाना की गई। मुरादाबाद से चली ट्रेन को नगीना तक पहले 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर दौड़ाया गया। उसके बाद 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दी गई। इसके बाद 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को दौड़ाया गया। हालांकि सिग्नल न मिलने, ब्रेक लगाने और अन्य कारणों से दोपहर एक बजे ट्रेन नगीना पहुंची।
नगीना से वापसी में शाम चार बजे से ट्रेन को एक सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। मुरादाबाद में यह ट्रेन आठ बजे पहुंची। मंगलवार से ट्रेन में यात्रियों के भार के बराबर रेत की बोरे रखकर दौड़ाया जाएगा। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि मुरादाबाद से नगीना के बीच 78 किलोमीटर तक इस ट्रेन का एक सप्ताह तक ट्रायल होगा।
ट्रेन दौड़ाने में दो चालक और दो सह चालक लगाए
सेमी हाई स्पीड ट्रेन में चालक नितिन कुमार, राम वीर सिंह और सह चालक रितेश कुमार सिंह और मुकुल कुमार को तैनात किया गया है। चालकों ने बताया कि ट्रेन की रफ्तार अच्छी है। ट्रेन रवाना होते ही रफ्तार पकड़ रही है। ब्रेक लगाने में भी कम समय लग रहा है।
दिल्ली और भोपाल के बीच चलेगी ट्रेन-18
भारतीय रेल की हाईस्पीड ट्रेन 18 का मुरादाबाद में आठ दिन तक ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल में सफल होने के बाद इस ट्रेन को जनवरी से दिल्ली और भोपाल के बीच चलाया जाना प्रस्तावित है। इस ट्रेन के संचालन से यात्रियों को आराम के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।