मुरादाबाद। कोरोना से जंग जीतने के लिए धैर्य और सकारात्मक सोच जरूरी है। मुरादाबाद के सबसे उम्रदराज 80 साल के पॉजिटिव शख्स ने साबित कर दिखाया। बुजुर्ग अस्थमा और हार्ट की बीमारी से पीड़ित हैं। इसके बाद भी बुजुर्ग 14 दिन में कोरोना को मात देकर शनिवार को घर लौट गए।
नवाबपुरा पंचायती मंदिर के निकट रहने वाले 80 साल के बुजुर्ग रेलवे से रिटायर्ड हैं। 22 मई को बुजुर्ग हार्निया का आपरेशन करवाने के लिए कांठ रोड स्थित विवेकानंद अस्पताल पहुंचे थे। हार्ट और अस्थमा पीड़ित होने के साथ हार्निया का आपरेशन करने से पहले अस्पताल प्रशासन ने उनका निजी लैब से कोरोना टेस्ट कराया। 24 मई को सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्ग को टीएमयू में भर्ती करवाने के साथ परिवार के छह लोगों के सैंपल लिए थे। 26 मई को बुजुर्ग की 74 साल की पत्नी और परिवार में 48 साल की महिला भी संक्रमित निकली। दोनों महिलाओं को भी बुजुर्ग के साथ ही टीएमयू में भर्ती करवा दिया गया। शनिवार को बुजुर्ग और उनके परिवार की दोनों महिलाओं का रिपीट सैंपल निगेटिव आया है। इसके बाद तीनों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। बुुजुर्ग ने बताया कि कहां से और कैसे संक्रमित हुए इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हार्ट और अस्थमा की परेशानी होने पर सामान्य संक्रमितों की तुलना में खतरा कहीं अधिक था। उम्र भी अधिक थी। अस्पताल में चिकित्सक भी इसको लेकर चिंतित थे। बुजुर्ग ने बताया कि सकारात्मक सोच के साथ कोरोना को मात देने की जिद ठान ली। समय पर दवा, खाना लिया। डाक्टर की हर बात मानी और आठ से 10 घंटे की पूरी नींद ली। अस्पताल के नर्सों ने परिवार के सदस्य की तरह देखभाल की। बुुजुर्ग ने कहा कि संक्रमित होने पर घबराने से ज्यादा सकारात्मक सोचना जरूरी है। यही जीने की ताकत देता है।