कोहरे और शीत लहर के प्रकोप ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, परिवहन निगम ने भी यात्रियों को ठंड के कहर से बचाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। यात्रियों को ठंड में कांपते हुए सफर करना पड़ रहा है। खिड़कियों पर शीशा नहीं होने के कारण हवा शूल की तरह चुभ रही है।
क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन का कहना है कि अधीनस्थों को आदेश दिए गए हैं कि बसों के टूटे हुए शीशों को तत्काल सही करा लें, ताकि यात्रियों का ठंड से थोड़ा बचाव हो सके।