रेल मंत्रालय तक हड़कंप मचाने वाले खतौली रेल हादसे की तरह सोमवार दोपहर हापुड़ में मालगाड़ी पलटने से बच गई। यहां ठेकेदार ने बिना सूचना दिए ही पटरी के स्लीपर खुलवा दिए। इसी दौरान मालगाड़ी आ गई। ड्राइवर ने ट्रैक पर ट्रैक्टर ट्राली खड़ी देखी तो इमरजेंसी ब्रेेक लगाकर मालगाड़ी रोक दी। इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम में सूचना देकर रेल संचालन रुकवा दिया। जिसकी वजह से श्रमजीवी समेत चार ट्रेनें लेट हो गईं। आरपीएफ की ओर से ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
सोमवार को हापुड़ में लाइन नंबर आठ पर स्लीपर बदलने का कार्य किया जाना था। इसके लिए रेलवे से ब्लॉक मांगा गया था। लेकिन ठेकेदार ने रेलवे में इसकी सूचना दिए बिना ही पटरी से स्लीपर खुलवाने का कार्य शुरू कर दिए। जबकि ट्रैक्टर ट्राली भी ट्रैक पर ही बुला लिए गए। इसी दौरान वहां मालगाड़ी पहुंच गई। गनीमत रही कि ड्राइवर ने ट्रैक पर ट्रैक्टर ट्राली देख कर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर यहां मालगाड़ी पलटने से बचा ली। वरना पिछले साल अक्तूबर माह में खतौली में हुए उत्कल एक्सप्रेस की तरह यहां भी मालगाड़ी पलट सकती थी।
उत्कल एक्सप्रेस हादसे के समय पुरी से हरिद्वार जा रही थी। जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। सूचना दिए बिना ही ट्रैक पर कार्य किया जा रहा था। हापुड़ में मालगाड़ी के रुकने की वजह से श्रमजीवी एक्सप्रेस, जन साधारण एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और खुर्जा मेरठ पैसेंजर ट्रेन लेट हो गई। ट्रैक की मरम्मत करने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अजीत कुमार वर्णवाल ने बताया कि ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।