मिड टर्म ट्रांसफर के विरोध में नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन का विरोध प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी रहा। भोजनावकाश में डीआरएम के चैंबर के बाहर बैठे कार्यकर्ताओं ने ताली-थाली बजाकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मुद्दों की भूख भोजन की भूख से कई गुना बड़ी है। अधिकारी विनम्रता से अपील के तरीके को हमारी कमजोरी न समझें।
संगठन ने कहा कि डीआरएम न जाने किस दवाब में हैं कि भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। एसएनटी विभाग के कर्मचारियों का ट्रांसफर हर हाल में रद्द होना चाहिए, क्योंकि ये रेलवे बोर्ड के नियमों के खिलाफ हुए हैं। मांगों को लेकर तमाम शाखाओं में डीआरएम के निरीक्षण के दौरान नरमू कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरा। अपने मुद्दों से संबंधित ज्ञापन दिया। बुधवार को एनआरएमयू पदाधिकारी हाथों में न्याय की मांग की तख्तियां लेकर डीआरएम के चेंबर के बाहर बैठे थे। संगठन ने अपनी स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग कर आंदोलन की अगली रूप रेखा तैयार की।
निर्णय लिया कि प्रशासन के रवैये को देखते हुए संगठन भी अपने आंदोलन को समय-समय पर तब्दील करेगा। इसे बड़े आंदोलन में परिवर्तित किया जाएगा। यदि फिर भी ट्रांसफर रद्द नहीं किए गए तो यूनियन सड़कों पर उतरने के साथ बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। विरोध प्रदर्शन में मंडल मंत्री राजेश चौबे, मंडल अध्यक्ष मनोज शर्म, सहायक मंडल मंत्री एके सिंघल, कुंवर सुहेल खालिद, नफीस खान, खेमपाल सिंह, रजनीश चौबे, मोहित गुप्ता, राकेश बलोदी, राजीव चौबे, मनोज शर्मा, विनेश ठाकुर, पीके शर्मा, सुनील सिंह, संजय वर्मा, अनिल सोनी, विनय पाल, मुकेश चौबे, शुभम सुंदरियाल, सोनू कश्यप, अमित सिंह, सलमान, अनुज कुमार, राजेंद्र सैनी, रजा खान आदि मौजूद रहे।