सपा में टॉप लेवल पर मची घमासान का असर स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा। पार्टी संगठन तेजी से दो खेमों (शिवपाल- अखिलेश) में बंटता जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी समेत तीन पदाधिकारियों ने सोमवार को अपने इस्तीफे सौंप दिए।
सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव फरमान अली और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष नौशाद पाशा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। हालांकि सीएम के इंकार के बाद जिलाध्यक्ष हाजी इकराम अपना इस्तीफा जेब में वापस डाल लाए हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में सोमवार को मुरादाबाद निवासी मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष नौशाद पाशा और युवजन सभा के प्रदेश सचिव फरमान अली ने लखनऊ में अपने इस्तीफे पार्टी नेतृत्व को सौंप दिए।
इन दोनों ने सीएम के नेतृत्व में निष्ठा जताते हुए कहा कि बाकी किसी का भी (शिवपाल यादव) नेतृत्व उन्हें मंजूर नहीं है। फरमान और नौशाद के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए हैं। वहीं सपा जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी भी सोमवार को इस्तीफा लेकर लखनऊ पहुंचे।
लेकिन उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष (शिवपाल यादव) को देने के बजाए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपा। हाजी इकराम ने भी इस्तीफे में अखिलेश यादव को दोबारा से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की है।
साफ कहा है कि यदि अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जाता है तो उन्हें भी जिलाध्यक्ष नहीं रहना है। हालांकि बाद में हाजी इकराम अपना इस्तीफा वापस ले आए। उनका कहना है कि सीएम ने उन्हें इस्तीफा देने से रोक दिया है।