मुरादाबाद। जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सरकारी योजना पर बजट की कमी भारी पड़ती नजर आ रही है। करीब 300 ई-वाहन खरीदार ऐसे हैं, जिन्हें वाहन खरीदने के तीन महीने बाद भी सरकार की घोषित सब्सिडी नहीं मिल सकी है। अब इन वाहन मालिकों को बजट जारी होने के बाद सब्सिडी मिलने की उम्मीद है।
प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी देने की योजना लागू की है। योजना के तहत इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने पर करीब पांच हजार रुपये और इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर लगभग एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।
जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने इसी योजना का लाभ लेने की उम्मीद में ई-वाहन खरीदे हैं। हालांकि, जिले के करीब 300 खरीदार अब तक सब्सिडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वाहन खरीदने के बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उनके खातों में राशि नहीं पहुंच सकी है। वाहन खरीदारों का कहना है कि उन्होंने सरकार की योजना पर भरोसा कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे थे, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली।
वहीं, वाहन डीलरों का कहना है कि पोर्टल संबंधी तकनीकी दिक्कतों के कारण भी कुछ लोगों की सब्सिडी अटकी हुई है। आरटीओ प्रशासन राजेश सिंह ने बताया कि ई-वाहनों की खरीद के अनुसार सरकार से बजट जारी होता है और उसी आधार पर शासन स्तर से सब्सिडी भेजी जाती है। बजट समाप्त होने की स्थिति में नई राशि जारी होने तक प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।