मुरादाबाद। राजकीय आईटीआई में पहले चरण की दाखिले की प्रक्रिया चल रही है लेकिन इस बार विद्यार्थियों को दस ट्रेड में संबद्धता का झटका लगा है। शिक्षकों की कमी के चलते इस वर्ष दस ट्रेड की मान्यता एनसीवीटी (नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग) ने छीन ली है।
यह कोर्स अब केवल राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) के अधीन ही संचालित किए जाएंगे। प्रधानाचार्य का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन स्तर से पत्राचार किया जा रहा है।
आईटीआई में दाखिले के लिए पहले चार सितंबर आखिरी तारीख थी लेकिन इसे बढ़ाकर अब सात सितंबर कर दिया गया है। पहली काउंसिलिंग के विद्यार्थी सोमवार तक अपनी सीटें लॉक करवा सकते हैं। राजकीय आईटीआई मुरादाबाद में 15 ट्रेड संचालित हैं। प्रत्येक वर्ष इनमें 450 विद्यार्थियों का दाखिला होता है।
आईटीआई मूंढापांडे, आईटीआई ठाकुरद्वारा और आईटीआई बिलारी में 12-12 ट्रेड संचालित हैं और तीनों ही संस्थानों में चार-चार सौ सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया आयोजित की जाती है लेकिन एनसीवीटी ने बिना अनुदेशक व प्रशिक्षक के इस बार सीटें स्वीकृत ही नहीं की हैं। इसमें मुरादाबाद की दो ट्रेड ड्राफ्टमैन सिविल और प्लास्टिंक प्रोसेसिंग ऑपरेटर ट्रेड शामिल हैं।
ठाकुरद्वारा से फैशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रो प्लेटर, कोपा, मूंढापांडे से रेडियोलॉजी और कॉस्मोलॉजी, बिलारी में फैशन टेक्नोलॉजी, कॉस्मोलॉजी, पेंटर की ट्रेड शामिल हैं। यह सभी ट्रेड नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से हटने के बाद एससीवीटी में शामिल हुईं हैं।
शिक्षकों का कहना है कि एससीवीटी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को केंद्र की नौकरी के लिए एक वर्ष की अप्रेंटिस करनी होती है। क्योंकि इन ट्रेड में मान्यता सिर्फ राज्य सरकार की रह गई है।