मुरादाबाद। मायानगर सहकारी समिति के प्रबंधन ने पूर्व उपसभापति और ठेकेदार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। आरोप है कि पूर्व उपसभापति ने ठेकेदार को अवैध ढंग से 20 लाख रुपये का भुगतान किया है।
समिति के सचिव ने कार्यदायी संस्था अमायरा डेवलपर्स को नोटिस जारी किया है। पूछा है कि समिति के किस प्रस्ताव या प्रक्रिया के तहत बिल्डर को कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया। अभी तक कितना कार्य किया गया है। समिति से कितना भुगतान मिला है, कितना भुगतान शेष है। किए गए कार्यों का प्राक्कलन, माप पुस्तिका, स्वीकृत नक्शा, मानचित्र की तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति, थर्ड पार्टी मानक परीक्षण, तकनीकी परीक्षण आदि का दस्तावेज ठेकेदार को प्रस्तुत करना होगा।
सभी अभिलेख एक सप्ताह के अंदर कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। अन्यथा विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार समिति के पूर्व सभापति धर्मपाल सिंह को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। अवगत कराया गया है कि जांच में आया है कि आपके कार्यकाल 14 नवंबर 2024 को 20 लाख रुपये समिति के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पीतल बस्ती में बिना समिति के प्रस्ताव या सहमति से जमा किया गया है। जीएसटी कटौती भी की गई है। कार्यालय के लिए जमा 20 लाख रुपये 18 नवंबर 2024 को अमायरा डेवलपर्स के नाम चेक के माध्यम से भुगतान किया गया। उप सभापति के नाम पर समिति द्वारा कोई फ्लैट या प्लाट आवंटित नहीं किया गया। पद का दुरुपयोग और समिति के अभिलेखों में हेराफेरी का आरोप है।
ऑडिट के बाद ईओडब्ल्यू को दी जाएगी जानकारी
मायानगर सहकारी आवास समिति के अंतरिम सभापति एवं सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय ने बताया कि ईओडब्ल्यू मेरठ के निरीक्षक ने विनायक अपार्टमेंट की अनियमितता के बारे में जानकारी मांगी है लेकिन अभी समिति का ऑडिट पूरा नहीं हुआ है। बैलेंस शीट तैयार की जा रही है। ऑडिट का कार्य पूरा होने के बाद ईओडब्ल्यू को जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।