मुरादाबाद। आयकर के बकाये में मंडल के 750 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इन लोगों पर आयकर विभाग के 1160.57 करोड़ रुपये बकाया हैं। शहर के नौ और मंडल के 52 उद्यमी भी आयकर विभाग के अरबों रुपये दबाए बैठे हैं। तीन करोड़ रुपये से अधिक 345 बकायेदार शामिल हैं।
आयकर अधिकारियों का केेहना है कि नौकरीपेशा लोग साल के अंत तक इनकम टैक्स जमा कर देते हैं। देर होने पर पेनाल्टी भी लगती है, लेकिन लोन लेकर कंपनी खोलने वाले कुछ उद्यमी आयकर विभाग का पैसा दबाए बैठें हैं। अधिकारियों का कहना है कि मंडल के पांच जिलों में ऐसे 52 उद्यमी हैं। एक दशक पहले इन उद्यमियों ने बकाया बढ़ने पर अपनी फर्म बंद कर दी। अब दूसरे नाम और स्थान पर कारोबार कर रहे हैं।
आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 1160.57 करोड़ के बकाये में 750 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। 20 करोड़ से अधिक के बकायेदार 10 उद्यमी हैं। पता चला है कि बड़े बकायेदार पहले गोल्ड का काम करते थे। 15 से 25 करोड़ के बीच के छह बकायेदार हैं। विभाग ने बकायेदारों का पूरा ब्योरा इकट्ठा किया है। पिछले साल बकायेदारों से वसूली के लिए अभियान चलाया गया था, लेकिन आयकर विभाग को बड़ी सफलता नहीं मिली थी। जांच से पता चला है कि बड़े बकायेदार शहर छोड़कर चले गए हैं।
लक्ष्य से अधिक जमा हुआ आयकर
मुख्यालय ने मुरादाबाद जिले के लिए 2024-25 के लिए 261 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था, 262 करोड़ रुपये आयकर जमा किया गया। एक हजार लोगों ने 12 करोड़ 51 लाख रुपये अग्रिम कर के रूप में जमा किए हैं। जिले में 35,867 आयकर दाता हैं। संयुक्त आयुक्त धीरज सिंह बघेल के नेतृत्व में अधिकारियों ने आयकर से जुड़ी 1600 शिकायतों का एक साल में निस्तारण किया। विवाद से विश्वास स्कीम के तहत बकाया मामलों अधिक संख्या में निस्तारण हुआ है। विभाग के नियमों के अनुसार बकाया वसूलने की कार्रवाई चल रही है।