प्रतियोगिता में जिले के कई स्कूलों के बच्चें शामिल होंगे। स्कूल स्तर पर चयनित विजेताओं को ग्रैंड फिनाले में खेलने का मौका मिलेगा। फाइनल का आयोजन अगले माह 18 मई को प्रस्तावित है। विजेताओं को हजारों रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
शह और मात के इस खेल में हाल के वर्षों में युवाओं की नहीं, बच्चों की भी दिलचस्पी बढ़ी है। भारत के स्टार खिलाड़ी प्रगनानंदा और डी गुकेश इसकी बड़ी वजह हैं। जिला स्तर पर उचित प्लेटफाॅर्म न होने के कारण बच्चों को जरूरी प्रोत्साहन नहीं मिल पा रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रकांत सरन व सचिव प्रमोद बिष्ट कहते हैं कि यदि बच्चों को अवसर मिला तो वह जिले का नाम जरूर रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अमर उजाला की यह पहल निश्चित ही बच्चों को सशक्त मंच प्रदान करेगी और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोगी साबित होगी।
- यह प्रतियोगिता दो श्रेणियों में होगी। पहली श्रेणी में 12 वर्ष की उम्र तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं दूसरी श्रेणी (सीनियर वर्ग) में 12 वर्ष से ऊपर के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।
- पहले दिन बुधवार को केसीएम स्कूल व टाइनी टॉट्स कॉलेज में प्रतियोगिता का आगाज होगा। सुबह नौ बजे से विद्यार्थी चेस बोर्ड के सामने अपना स्थान लेंगे।
यह करना होगा स्कूलों को
जिले के विभिन्न स्कूलों को विद्यालय परिसर में शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन स्वयं करना होगा। 23 अप्रैल से 17 मई तक निरंतर स्कूलों में प्रतियोगिता चलेगी। दोनों ही श्रेणियों के तीन-तीन विजेताओं के नाम स्कूलों को अमर उजाला कार्यालय को उपलब्ध कराने होंगे। यह सभी खिलाड़ी अमर उजाला द्वारा आयोजित ग्रैंड फिनाले में शामिल होंगे। फाइनल के अंत में ओवरऑल विजेताओं की घोषणा होगी। विजेताओं को गणमान्य व्यक्ति द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
सभी को मिलेगा पुरस्कार
ग्रैंड फिनाले में विजयी रहने वाले दोनों ही वर्गों के तीन-तीन प्रतिभागियों को कुल 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूली स्तर पर भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।