मुरादाबाद। ट्रेनों में गहने व नकदी चोरी की घटनाओं में गैंग नहीं, बल्कि एक ही व्यक्ति का हाथ है। सहानपुर के थाना कोतवाली निवासी सारांश वर्मा उर्फ सचिन को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से सात अलग-अलग ट्रेनों में चोरी किए गए मोबाइल, कुछ गहने व नकदी बरामद हुई है। ऑनलाइन बेटिंग एप पर साढ़े चार लाख रुपये हारने के बाद आरोपी ने ट्रेनों में लोगों के पर्स व गहने चुराने शुरू किए थे।
मार्च 2025 से अब तक करीब 11 मुकदमे ट्रेनों में गहने व नकदी चोरी के दर्ज हो चुके हैं। यह सभी घटनाएं हरिद्वार से रामपुर के बीच ट्रेनों में हुईं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके घरवालों को भी नहीं पता कि वह ट्रेनों में लोगों के साथ छिनैती करता है।
32 वर्षीय आरोपी हरिद्वार में अपनी पत्नी के साथ किराये के मकान में रहता है। रोजाना शाम छह बजे वह घर से फैक्टरी में काम करने का हवाला देकर जाता था। सुबह छह से सात बजे के बीच घर लौट आता था। इसके कारण उसकी पत्नी को भी कभी शक नहीं हुआ। मार्च से मई तक वह करीब सात लाख रुपये के गहने व दो लाख से ज्यादा की नकदी चोरी कर चुका है।
देर रात ट्रेनों में जब यात्रियों की झपकी लगती तो वह उनके गले से सोने की चेन व कानों से कुंडल खींच लेता था। ट्रेनों में चढ़ते समय महिलाओं के हैंडबैग चोरी कर लेता था। उसके खिलाफ मुरादाबाद जीआरपी थाने में सात-आठ मुकदमे दर्ज हैं। नजीबाबाद जीआरपी थाने में भी उसके खिलाफ दो मुकदमे हैं। एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि आरोपी के पास से 41,300 रुपये नकद, चार मोबाइल व कुछ गहने बरामद हुए हैं। गिरफ्तार करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
इस तरह पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल में अपना सिम डाला और कुछ लोगों से बात की। थाने में दर्ज चोरी के मोबाइल के सीडीआर से वह ट्रेस हो गया। पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से उसके साथियों के विषय में पूछा गया, लेकिन उसने अकेले ही सभी घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। दिल्ली रेलवे स्टेशन, चांदपुर रेलवे स्टेशन व चलती ट्रेन में वह कई घटनाएं कर चुका है।