मुरादाबाद। ध्रुव अपहरण में रविवार को नया मोड़ आ गया। ध्रुव के पिता गौरव ने अपने मामा सतीश पर उसके अपहरण में शामिल होने का आरोप लगाया था पर मामा ने खुद गौरव को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। साथ ही अपनी बहन रेखा पर भी आरोप लगाए हैं। बोले कि पुलिस ने उनसे पूछताछ की है और वह पुलिस को भी साफ बता चुके हैं कि उसका भांजा गौरव और उसकी (सतीश की) बहन रेखा मिलकर सारा षड्यंत्र कर रहे हैं। पूरी पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगी तो सारा भेद खुल जाएगा।
इस मामले में गौरव के आरोप के बाद पुलिस ने उसके मामा सतीश को हिरासत में लेकर काफी देर पूछताछ की। बाद में उसे छोड़ दिया। इस मामले को लेकर अब आरोपी मामा ने भांजे और अपनी ही एक बहन पर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सतीश ने बताया कि उसके पिता के मकान पर उसके भांजे गौरव और उसकी एक बहन रेखा की नजर है। जिस पैतृक मकान में वह रह रहा है उसे रेखा ने पिता को बहलाकर अपने नाम करा लिया। अब पिता की मौत हो चुकी है। इसका मुकदमा भी न्यायालय में चल रहा है। मकान के एक हिस्से में उसकी दूसरी बहन सुधा अपने बेटे गौरव के साथ रहती है। रेखा तथा गौरव दोनों मिल कर मुझे मकान से खदेड़ना चाहते हैं। सतीश ने आरोप लगाया कि दोनों इसी साजिश के तहत बच्चे के अपहरण का घिनौना आरोप उस पर लगा रहे हैं। सतीश के मुताबिक पुलिस को भी उसने पूरी बात बताई है। इस मामले की जांच उच्चस्तरीय और सही होते ही सारा सच सामने आ जाएगा।
फर्जी आईडी रखने, एटीएम कार्ड चुरा पैसे निकालने का भी आरोप
मुरादाबाद। सतीश ने अपने भांजे गौरव पर फर्जी आईडी बना दिल्ली में रहने और अपने साले का एटीएम कार्ड चुरा 35 हजार रुपये निकालने का भी आरोप लगाया है। सतीश ने गौरव का फोटो लगी एक आईडी भी दिखाई। रोहिणी दिल्ली के पते पर बनी इस वोटर आईडी में फोटो तो गौरव का लगा है लेकिन उस पर नाम विजय लिखा है। इसके अलावा सतीश ने बताया कि करीब चार साल पहले उसके साले की शादी में गौरव चंदौसी गया था। जहां उसके साले का एटीएम उड़ा कर उससे 35 हजार रुपये निकाल लिए थे। बैंक के एटीएम की सीसीटीवी फुटेज निकाले जाने के बाद इसका खुलासा हुआ। पुलिस को उस समय गौरव के खिलाफ तहरीर भी दी गई थी, लेकिन बाद में सभी रिश्तेदारों ने आपसी मामला होने के कारण रफा दफा करा दिया। पैसे भी गौरव ने वापस नहीं किए।
पूरी तरह झूठ बोल रहा है मामा: गौरव
इन आरोपों पर गौरव का कहना है कि मामा झूठ बोल रहा है। उसने दिल्ली के पते पर कोई फर्जी आईडी नहीं बनवाई। उसकी मौसी के लड़के का नाम विजय है। वह भी उसके साथ दिल्ली में एक कंपनी में काम करता था। विजय की आईडी पर गलती से उसकी फोटो लग गई। रही बात रुपये निकालने की त्रो एटीएम कार्ड सतीश का बेटा लेकर आया था। उसने कहा था कि घर वालों ने उसे एटीएम कार्ड पैसे निकालने के लिए दिए हैं। सो वह निकाल लाए। पैसे निकालने के बाद उसने सारे पैसे सतीश के लड़के को दे दिए थे।
पिता ने अपनी मर्जी से कराया था मकान मेरे नाम: रेखा
भाई सतीश पिता से मारपीट करते थे। जिससे तंग आकर उन्होंने अपनी मर्जी से मकान का बैनामा मेरे नाम कराया था। पिताजी के इस व्यवहार के कारण ही उन्होंने अपने जीते जी सतीश को बेदखल कर रखा था। सतीश हम पर जो षड्यंत्र का आरोप लगा रहे हैं, वह निराधार हैं। जांच में सब साफ हो जाएगा।
- रेखा रानी