शिक्षा के नए सत्र को लेकर मुरादाबाद एसोसिएशन आफ प्राइवेट स्कूल्स (एमएपीएस) ने 220 दिनों का शेड्यूल बनाया है। नए सत्र की शुरुआत पांच अप्रैल से होगी। कक्षा नौ से बारह की इस सत्र की फाइनल परीक्षा फिजिकल या ऑफलाइन कराई जाएगी। साथ ही नो फीस नो एग्जाम, नो एग्जाम नो प्रमोशन का भी निर्णय लिया गया है।
पत्रकारवार्ता में एमएपीएस की प्रेसीडेंट शरीन संतराम ने कहा कि नए सत्र की तैयारी शुरू कर दी गई है। पांच अप्रैल से नए सत्र शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए 220 दिनों का शेड्यूल बनाया गया है। यूपी के स्कूलों ने नो फी नो एग्जाम, नो एग्जाम नो प्रमोशन का निर्णय लिया है।
एसोएिशन इस नीति पर अमल करेगा। इसके तहत इस सत्र में फीस नहीं देने वाले छात्र अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पाएंगे। परीक्षा में बैठने से वंचित रहेंगे। उन्हें अगली परीक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा।
सेक्रेटी नीरज गुप्ता ने कहा कि टीसी की स्थिति में स्कूल पिछली कक्षा के रिकार्ड आधार पर टीसी मुहैया कराएंगे। इस वर्ष टीसी के इच्छुक अभिभावकों को पूरे सत्र की फीस जमा करनी होगी। इस दौरान पी चेरल मैथ्यूज, सुनीता भटनागर, सुरेंद्र सिंह, रवि सिंघल आदि मौजूद रहे। एक महीने पहले भी बैठक कर एमएपीएस ने नो फीस नो एग्जाम का निर्णय लिया था। इस संबंध में मुरादाबाद पैरेंट ऑफ ऑल स्कूल ने डीआईओएस से शिकायत की थी। जिस पर डीआईओएस ने एमएपीएस के पदाधिकारियों को पत्र जारी कर शासन के निर्देशों के पालन के आदेश दिए थे।
अगर दोबार ऐसा कुछ किया जाता है तो पहले स्कूल से बात की जाएगी। इसके बाद डीआईओएस और डीएम से मिलेंगे। जो अभिभावक फीस देने की स्थिति में हैं, वह जरूरत फीस जमा करें। अगर किसी अभिभावक की स्थिति खराब है तो उनकी मदद की जाए।
-अनुज गुप्ता, समन्वयक, मुरादाबाद पैरेंट आफ ऑल स्कूल