नगर निगम ने नई कालोनियों में विकास कराने से फिलहाल हाथ खड़े कर दिए हैं। निगम उन्हीं कालोनियों में सड़क-नाली बनवाएगी, जिनमें 70 फीसदी से ज्यादा मकान बनने के बाद लोगों ने रहना शुरू कर दिया हो। निगम में ऐसी कालोनियों में विकास कराने को लगातार मांग पत्र आ रहे हैं, जिनमें मात्र पांच-दस फीसदी ही मकान बनकर तैयार हुए हैं।
इनमें से भी कई मकानों में अभी तक लोगों ने रहना शुरू नहीं किया है।नगर निगम अफसरों को विकास कराने को लगातार आवेदन मिल रहे हैं। लोग अपनी कालोनियों में नाली-सड़कों का विकास कराने को अफसरों पर दबाव बना रहे हैं। कई वार्ड केपार्षद भी ऐसी कालोनियों में विकास कराने की पहल कर रहे हैं, जिनमें अभी तक काफी कम लोग रहते हैं।
इसके लिए महापौर ने नया आदेश जारी कर दिया है। महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि जिन कालोनियों में अभी ज्यादा लोगों ने रहना शुरू नहीं किया है। उनमें सड़क-नाली बनवाने को एकाएक कोई औचित्य नहीं है।
कालोनियों में जब 70 फीसदी मकान बनकर तैयार हो जाएं और 60 फीसदी से ज्यादा में लोग रहना शुरू कर दें, निगम तब विकास कराएगा। ऐसी कालोनियों में लोगों के रहने पर सड़कों-नालियों और पेयजल आदि का इंतजाम कराया जाएगा। खाली कालोनियों में संसाधन तैयार कर देने पर बेवजह धनराशि बर्बाद होती है।
इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाता है। जब तक इन कालोनियों में लोगों ने रहना शुरू करते हैं, तब तक सड़क-नाली टूटने शुरू हो जाते हैं। अब निगम विकास कराने को आने वाले आवेदनों के स्थानों का पहले सर्वे करेगा। उसकेबाद ही विकास कराया जाएगा।
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