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Moradabad News: स्कूल में न कमरे न खेल मैदान...हॉल में संचालित हो रहीं कक्षाएं

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मुरादाबाद। कानून गोयान स्थित प्राथमिक विद्यालय हॉल में संचालित किया जा रहा है। विद्यालय में न तो खेल का मैदान है और न ही कमरे। स्कूल का मुख्य गेट तक नहीं है। स्कूल की यह स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रही है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
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शहर के बीच में स्थित प्राथमिक विद्यालय कानून गोयान में करीब 90 बच्चे हैं। विद्यालय में कोई ग्राउंड नहीं है। यहां पर केवल खो-खो जैसे खेल ही हो सकते हैं। दौड़ समेत अन्य खेल के लिए दूसरे ग्राउंड का सहारा लेना पड़ता है। चार हॉल होने की वजह से कक्षा एक व दो के बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाया जाता है। इस विद्यालय मेंं तीन शिक्षक हैं जबकि नियमानुसार पांच शिक्षक होना अनिवार्य है।
प्राथमिक विद्यालय कानून गोयान एक पतली गली में है। यहां पर दो पहिया के अलावा कोई दूसरा वाहन नहीं जा सकता है। स्कूल का गेट इतना पतला है कि उसमें बाइक तक की जाने की जगह नहीं है। यहां पर अगर कोई दुर्घटना घटित हो जाती है तो एंबुलेंस और फायर की गाड़ियां नहीं पहुंच सकती हैं।
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एक साल पहले इस स्कूल को राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल फैजगंज में मर्ज किया गया था। इसके बावजूद इस स्कूल को वहां पर नहीं ले जाया गया। जबकि दोनों स्कूलों के बीच की दूरी करीब 400 मीटर ही है।
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स्कूल में ऊपर रहते हैं किरायेदार
प्राथमिक विद्यालय कानून गोयान के ऊपर बने कमरे में किरायेदार रहते हैं। प्रधानाचार्य कहना है कि 50 साल पहले से यह स्कूल संचालित किया जा रहा है। स्कूल में फर्नीचर, किचन, शौचालय समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। आस-पास के बच्चे यहां पढ़ते हैं।
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स्कूल के मानक
स्कूल भवन सुरक्षित और पक्का होना चाहिए।

सभी कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे होने चाहिए।

छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय होना चाहिए।

शौचालयों में पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।

स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
स्कूल में बिजली कनेक्शन होना चाहिए।

कक्षा में ब्लैक बोर्ड / ग्रीन बोर्ड होना चाहिए।
बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच या दरी होना चाहिए।

पुस्तकालय होना चाहिए।

खेल सामग्री की उपलब्ध होनी चाहिए।

मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था होनी चाहिए।

रसोईघर (किचन शेड) होनी चाहिए।
स्कूल परिसर की साफ-सफाई होना चाहिए।

बाउंड्री वाल या फेंसिंग होना चाहिए।

दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप होने चाहिए।

डिजिटल हाजिरी / टैबलेट का उपयोग करना होता है।
नामांकन के अनुसार शिक्षक उपलब्ध होने चाहिए।

स्मार्ट क्लास या शैक्षणिक सामग्री होनी चाहिए।
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वर्जन..
स्कूल को राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल फैजगंज में मर्ज किया गया था। वहां पर पहले से दो और स्कूल के बच्चे पढ़ते हैं। उस स्कूल में बच्चों को बैठाने के लिए जगह नहीं है। विभाग से अनुमति लेकर ही स्कूल संचालित किया जा रहा है।
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-शहनाज अख्तर, प्रधानाचार्य
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