कांठ। ब्लॉक छजलैट का गांव लाडलाबाद भले की प्रकटेश्वर शिव मंदिर की वजह दूर-दूर तक विख्यात हो, लेकिन इस गांव में विकास कोसों दूर हैं। इसकी गवाही स्कूल को जाने वाला वह रास्ता दे रहा है जो आज तक कीचड़ भरा और कच्चा है। स्कूल के बच्चे, शिक्षक और ग्रामीण इस रास्ते से होकर जाने को विवश हैं।
विकास खंड छजलैट की ग्राम पंचायत खतापुर से दो किलोमीटर दूर बसे 35-40 घरों और करीब 300 की आबादी वाले गांव लाडलाबाद में सरकारी स्कूल को जाने वाला सौ मीटर का रास्ता आज भी कच्चा और कीचड़ भरा है। नालियां व पानी की निकासी का प्रबंध न होने के कारण बरसात में इस रास्ते की हालत और भी ज्यादा खराब हो जाती है। इस रास्ते पर बने घरों के आगे काफी गड्ढे और उनमें भरा गंदा पानी व कीचड़ से ग्रामीण परेशान हैं। स्कूल के बच्चे और शिक्षकों के साथ ही ग्रामीण भी इसी रास्ते से होकर आने जाने को विवश हैं। इसके अलावा इस गांव में अन्य नालियों और रास्तों की भी हालत खस्ता है। ग्रामीणों ने बताया कि सफाई कर्मचारी भी नियमित नहीं आते हैं।
प्रधान के पति उर्वेश यादव का कहना है कि हमारी ग्राम पंचायत खतापुर में गोविंदपुर ज्ञानपुर, लाडलाबाद भी आते हैं। लाडलाबाद में स्कूल तक जाने वाले रास्ते सहित खतापुर और गोविंदपुर में भी दो रास्ते बनना प्रस्तावित हैं। लाडलाबाद में स्कूल का रास्ते का स्टीमेट बन गया है, जल्द कार्य भी शुरू कराया जाएगा। साथ ही तीनों गांवों में चरणबद्ध सफाई कार्य भी कराया जा रहा है।