सुरजननगर। चौकी क्षेत्र के ग्राम बंदे वाली मड़ैया में सात दिवसीय श्री जंभवाणी हरिकथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन हरिद्वार से आए स्वामी सागरानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने सत्य, सदाचार, सामाजिक एकता और अहंकार त्यागने का संदेश दिया।
हरिकथा जीवन को सही दिशा देती है और विचारों में सकारात्मक बदलाव लाती है। यह सत्य-असत्य में अंतर समझने तथा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर दिया, कहा कि समाज को साथ लेकर चलने वाला व्यक्ति ही आगे बढ़ता है। अहंकार को बुद्धि और विवेक का नाशक बताया। स्वामी सागरानंद महाराज ने ईर्ष्या और निंदा को अशांति का कारण बताया। उन्होंने दूसरों की बुराई के बजाय अच्छे गुणों को अपनाने का आह्वान किया। कथा के अंत में महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज ने उपस्थित लोगों को सम्मानित किया। कथा में बिश्नोई समाज के संत व दयाराम सिंह,राजीव बिश्नोई, रजनीश बिश्नोई आदि व्यक्ति उपस्थित रहे।