मुरादाबाद। सिक्योरिटी गार्ड सुरेंद्र सिंह की पत्नी व राशन डीलर सुखलेश का दर्द गुरुवार को छलक उठा। उन्हाेंने बातचीत में कहा कि हत्यारों ने मेरा सुहाग उजाड़ दिया। मेरे मासूम बेटों के सिर से पिता का साया छीन लिया। अब पुलिस की कार्रवाई ने बड़ा दर्द दिया है। वायरल वीडियो को नकार कर पुलिस ने मेरे ही पति को झूठा साबित कर दिया।
मैं इंसाफ और अपने पति के बयान को सही साबित करने के लिए अदालत का दरवाजा तक खटखटाऊंगी। भोजपुर थानाक्षेत्र के काफियाबाद गांव की राशन डीलर सुखलेश के पति सुरेंद्र सिंह की चार सितंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सुरेंद्र सिंह सिक्योरिटी गार्ड थे। वह घटना के समय ड्यूटी से अपने घर लौट रहे थे। सुखलेश ने बताया था कि हत्यारोपयों ने उन्हें तीन गोलियां मारी थीं। घटनास्थल पर जुटी भीड़ में से ही किसी ने उनका वीडियो बनाया था। मेरे पति ने गोली मारने वालों के नाम बताए थे। पहले ही दिन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया था।
अगले दिन पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से पुलिस मुझे और मेरे परिवार को आश्वासन देती रही कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अब पुलिस ने दावा किया है कि मेरे पति का बयान झूठा था। पुलिस ने किसी के दबाव में आकर ऐसा किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से हम संतुष्ट नहीं हैं। महिला ने सवाल किया है कि क्या कोई मरते वक्त झूठ बोल सकता है। अगर ऐसा है तो क्यों सुसाइड नोट के आधार पर लोगों को जेल भेज दिया जाता है। सुरेंद्र की पत्नी सुखलेश और भाई सुनील का कहना है कि वह इंसाफ के लिए अदालत तक जाएंगे।