मुरादाबाद। बीएसए और जिला निर्वाचन अधिकारी को संबोधित सुसाइड नोट में बीएलओ सर्वेश सिंह ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने आगे लिखा...मैं सर्वेश सिंह जाहिदपुर सीकमपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में कार्यरत हूं। 15 साल की नौकरी में पहली बार सात अक्तूबर को बूथ संख्या 406 का बीएलओ नियुक्त किया गया है। इस विषय का पूर्ण ज्ञान नहीं होने के कारण समय से सो नहीं पा रहा हूं।
अपना टारगेट नहीं कर पा रहा हूं। रात दिन कड़ी मेहनत के बाद भी रात को मात्र दो या तीन घंटे भी नहीं सो पा रहा हूं। चार बेटियां हैं दो छोटी बेटियों की कई दिन से तबीयत खराब है। बहुत परेशान हूं मानसिक संतुलन खराब हो गया है। जिस कारण आत्मघाती कदम उठाना पड़ रहा है। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी मेरी है। इसके लिए किसी को परेशान नहीं किया जाए। मेरे परिवार का कोई दोष नहीं है। मेरे परिवार ने तो मेरा बहुत हौसला बढ़ाया लेकिन मैं ही हार गया हूं। मेरे जाने के बाद किसी को दोषी नहीं ठहराया जाए। कहने को तो बहुत कुछ बाकी है लेकिन समय कम है।
मैैं बहुत डरा महसूस कर रहा हूं
मुरादाबाद। अगले पेज पर लिखा है...मैं जीना तो चाहता हूं पर क्या करूं मुझे बहुत बेचैनी और घुटन हो रही है। मैं बहुत डरा महसूस कर रहा हूं। मेरी चार छोटी बेटियां हैं। मैं लिखते समय बहुत पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेरी बेटियों व परिवार वालों का मेरी सेवा में जो भी राशि बनती है। मेरी पत्नी को मिलनी चाहिए ताकि मेरी बेटियां का जीवन में सहारा बन सके। अधिकारी परिवार को ज्यादा परेशान न करें। मेरे न होने के बाद उनका बहुत जीवन खराब हो सकता है मगर समय ज्यादा होता तो मैं शायद कार्य पूर्ण कर लेता।
00
आई लाइक माय स्टाफ...आईएम सॉरी
मैं आशा करता हूं मेरे मृत शरीर को मेरे परिवार के हवाले कर देना ताकी इसका क्रियाक्रम कर सके। दुखद घटना है यह मेरे लिए। रात दिन काम करता रहा फिर भी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया। रात मुश्किल से कटती है दिन को चैन नहीं मिला है। मुझे क्षमा करना। आई लाइक माय स्टाफ आई एम सॉरी।