बिलारी नगर में आयोजित शहीदे आजम कांफ्रेंस में बोलते एक उलमा-स्रोत कमेटी
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बिलारी। मोहल्ला अंसारियान में पुरानी पुलिस चौकी के निकट नागरिकों की ओर से शहीदे आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया।
कांफ्रेंस में मुफ्ती सैयद अफरोज मियां ने कहा कि मुसलमान हजरत इमाम हुसैन की शहादत से सबक हासिल करने, कुरान पाक की हिदायतों को मानने और रसूले अकरम की सुन्नतों पर अमल करने का आह्वान किया।
कांफ्रेंस की शुरूआत हाफिज मुर्शिद रजा ने कलामे पाक की तिलावत से की। बाद में हाफिज मोहम्मद आरिफ और शायर फैसल रजा ने रसूले अकरम की शान में नात शरीफ पेश की। कांफ्रेंस के मुख्य वक्ता मुफ्ती सैयद अफरोज मियां ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का मकसद इस्लाम को जिंदा रखना था। मुसलमानों को चाहिए कि वह हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत से सबक हासिल करें। अपने बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाएं। मुस्लिम महिलाएं पर्दादारी का ख्याल रखें। शादियों में फिजूलखर्ची पर रोग लगाई जाए। उन्होंने कहा कि मुसलमान हर तरह की बुराई से दूर रहकर रसूले अकरम की सुन्नतों पर अमल करें।
कांफ्रेंस की अध्यक्षता मौलाना अखलाक हुसैन और संचालन नाजिम रजा खलीली ने किया। कांफ्रेंस में कारी गुलाम अशरफ, कारी शोएब रजा, कारी फैसल रजा, मुफ्ती अमन नूरी आदि ने भी तकरीर की। कांफ्रेंस आयोजन में कमेटी के पदाधिकारियों मोहम्मद फहीम, बासिद हुसैन, जाहिद हुसैन,अरशद मुस्तफा, अदनान सलमानी आदि जिम्मेदार लोगों का सहयोग रहा। कांफ्रेंस में नगर के मोहल्ला अंसारियान और ठाकुरान से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे।