बिलारी। नगर के मोहल्ला अंसारियान में पुरानी पुलिस चौकी के निकट चेहल्लुम के मौके पर यादे हुसैन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में उलमाओं ने तकरीर कर हजरत इमाम हुसैन की शहादत से संबंधित बयान किया।
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत तिलावते कलामे पाक से हुई बाद में रसूले अकरम की शान में नात शरीफ पढ़ी गई। कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे मुफ्ती इमरान मंजरी ने तकरीर करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी शहादत से मुसलमानों को सबक हासिल करने की जरूरत है। मुफ्ती मंजरी आगे कहा कि मुसलमान स्वयं को हर तरह की बुराई से दूर रखें। कुरआने पाक की हिदायतों को मानें और रसूले अकरम की सुन्नतों पर अमल करें।
कॉन्फ्रेंस में अन्य उलमाओं ने मुसलमानों से अपने बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाने और शादी में हर तरह की फजूल खर्ची से बचने का आह्वान किया। रामपुर के सैफनी से आए मौलाना जाहिदउल कादरी ने कहा कि मुसलमान नेकी और ईमानदारी की राह पर चलें। कॉन्फ्रेंस में मौलाना अखलाक हुसैन, मौलाना इब्ने हसन, मौलाना जहीर बरकाती, हाफिज उवैश रजा, कारी शोएब रजा आदि ने भी विचार रखे। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता मौलाना अखलाक हुसैन और संचालन निजामुददीन मसूदी ने किया। कॉन्फ्रेंस आयोजन में कमेटी पदाधिकारी हाजी जाहिद हुसैन, मोहम्मद वासिक, अदनान सलमानी, अरशद वारसी, मुबारक हुसैन, फहीम मुशर्रफ, अरशद मुश्तफा आदि का सहयोग रहा।