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Moradabad News: रसूखदारों के आगे ठंडे पड़े नगर निगम के तेवर

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मुरादाबाद। नगर निगम की करीब 50 करोड़ की संपत्ति पर दशकों से रसूखदारों का कब्जा है। कुछ समय पहले नोटिस देने के बाद नगर निगम ने आठ लोगों से संपत्ति खाली कराई, लेकिन बात जब रसूखदारों से संपत्ति खाली कराने की आई तो निगम की कार्रवाई ठंडी पड़ गई। सपा विधायक व पूर्व मंत्री समेत कई रसूखदारों के कब्जे अब भी बरकरार हैं। वहीं तीन लोगों का मामला कोर्ट में लंबित है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कब्जे पूर्व के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण हुए हैं। दीपावली के बाद अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
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नगर निगम की संयुक्त आयुक्त निशा मिश्रा ने डेढ़ माह पहले अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट से सपा विधायक समरपाल सिंह को नोटिस जारी किया था। विधायक को कंपनीबाग स्थित भवन संख्या-एक 16 अगस्त 1994 को किराए पर आवंटित किया गया था। इसमें किराएदारी का उल्लेख नहीं किया गया था। शासनादेश के अनुसार 15 वर्ष वर्ष से अधिक आवंटन नहीं हो सकता है। इस भवन को 15 दिन में खाली करने का नोटिस दिया गया, लेकिन विधायक ने भवन खाली नहीं किया। यह संपत्ति डेढ़ करोड़ की है।
इसी प्रकार कटघर चुंगी के निकट नगर निगम के भवन संख्या एक तत्कालीन मंत्री रामेश्वर दयाल शर्मा के नाम पर 27 सितंबर 1974 को 50 रुपये महीने किराये पर आवंटित किया गया था। इस मामले में पांच वर्ष में 12.5 प्रतिशत किराया नहीं बढ़ाया गया। इस आवंटन को नगर निगम ने नियम विरुद्ध मानते हुए उसे निरस्त कर दिया है। नोटिस के बावजूद मकान खाली नहीं हो सका।
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पूर्व मंत्री एवं एमएलसी इंद्रा मोहिनी के नाम से 15 जून 1979 को तत्कालीन डीएम ने आवंटित किया था। इंद्रमोहिनी के निधन के बाद विजय लक्ष्मी सक्सेना पत्नी एसपी सक्सेना रह रही थीं। वर्तमान में यह भवन खाली पड़ा है। नगर निगम के अपर आयुक्त अजित कुमार का कहना है कि नगर निगम के आवासों में रह रहे दीपक शर्मा, पूर्व अध्यापिका कनक शर्मा और मो. नसीम का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। लेफ्टिनेंट कर्नल रहे बीसी जोशी की पुत्र वधू बीना जोशी ने भी मकान खाली नहीं किया है। एमएलए दिनेश चंद्र रस्तोगी और मोहनलाल शर्मा के चक्कर का मैदान स्थित आवास में रहने वाले भी अभी काबिज हैं। एलडी चतुर्वेदी के परिवार ने नगर निगम के आवास पर कब्जा जमाया है।
चक्कर का मैदान स्थित निगम के आवास में रहने वाले एसए फारूकी के परिजन कोर्ट गए थे, लेकिन कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया। नगर निगम का दावा है कि एक माह के दौरान आठ मकानों को खाली कराया गया है। प्रत्येक मकान की कीमत एक से दो करोड़ की है। दीपावली के बाद अवैध कब्जा कर रह रहे अन्य लोगों से भी संपत्ति खाली कराई जाएगी।

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मैनाठेर में 4.5 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा

अपर नगर आयुक्त के अनुसार मैनाठेर गोशाला के नजदीक नगर निगम की 4.5 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा है। इसी प्रकार लाकड़ी फाजलपुर में 3470 वर्ग मीटर, गुलाबबाड़ी में 1200 वर्ग मीटर, शाहपुर तिगरी में 400 वर्ग मीटर भूमि लोगों के कब्जे में है। कटघर में भी एक नजूल की जमीन नगर निगम की है। विभाग की तरफ से संपत्ति को चिह्नित करने का कार्य जारी है। जल्द ही सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


नगर निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जे काफी दिनों से हैं। इन संपत्तियों को चिह्नित कर कब्जा करने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। दीपावली के बाद निगम की संपत्ति को मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त, मुरादाबाद
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