मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में विधि संकाय के परिणाम को लेकर विद्यार्थियों में रोष है। विवि के अधिकारियों का कहना है कि कॉलेजों द्वारा कराए गए आंतरिक मूल्यांकन में विद्यार्थियों को एक जैसे अंक मिले हैं। इससे परीक्षा की शुचिता पर संदेह होता है। वहीं, स्ववित्तपोषित विधि महाविद्यालय संगठन के पदाधिकारी कुलपति से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि वार्ता के बाद निकलने वाले निष्कर्ष के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने आधिकारिक रूप से अभी तक लॉ का परिणाम जारी नहीं किया है लेकिन समर्थ पोर्टल के माध्यम से कॉलेज के लॉगिन पर आए परिणाम की वजह से काफी हंगामा हो गया था। इसमें आरोप लगाया था कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को शून्य अंक दिए गए हैं। मंडल के सभी 34 कॉलेजों का परिणाम मुश्किल से 2.5 फीसदी ही आया है।
कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी के अनुसार देखने में आया है कि आंतरिक मूल्यांकन के दौरान कॉलेजों ने विद्यार्थियों को एक जैसे अंक दिए हैं। उदाहरण के तौर पर 30 अंक में से ज्यादातर विद्यार्थियों को 25 या 24 अंक दिए गए हैं। ऐसे अंक भी परीक्षा के आयोजन पर संदेह बढ़ाते हैं। क्योंकि सभी विद्यार्थियों के एक जैसे अंक नहीं आ सकते हैं। उन्हीं विद्यार्थियों को कॉलेजों द्वारा 80-80 फीसदी अंक मिलने के बाद भी वह लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण करने लायक अंक प्राप्त नहीं कर सके हैं।
अपनी मर्जी से पहुंच रहे विद्यार्थी
अध्यक्ष स्ववित्तपोषित विधि महाविद्यालय संगठन अशोक चौधरी ने कहा कि परिणाम की आपत्तियों को लेकर विश्वविद्यालय पहुंच रहे विद्यार्थी अपनी मर्जी से जा रहे हैं। उनको वहां भेजने में कॉलेज की अनुमति या सहमति नहीं है। आंतरिक मूल्यांकन में जैसा विद्यार्थी ने लिखा होगा, उसी के अनुरूप अंक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम और कॉलेजों की समस्याओं को लेकर कुलपति से वार्ता की जाएगी। दो कालेजों द्वारा अपनी लॉगिन आईडी पर मिले परिणाम को जारी करने के बिंदु को भी वार्ता में रखा जाएगा। इसके बाद जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसी के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।