मुरादाबाद। भीषण गर्मी में जिला अस्पताल की पेयजल व्यवस्था ठीक नहीं है। अस्पताल प्रशासन भले ही आठ स्थानों पर वाटर कूलर लगाकर व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि इनमें से सिर्फ दो जगहों पर ही ठंडा पानी मिल रहा है। बाकी वाटर कूलर गर्मी में मरीजों और तीमारदारों को राहत देने के बजाय सामान्य से भी गर्म पानी उगल रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब दो हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। तेज धूप और उमस के बीच इलाज के लिए घंटों लाइन में खड़े मरीजों को पीने के लिए ठंडा पानी तक नसीब नहीं हो रहा। सबसे ज्यादा भीड़ ओपीडी के बाहर ब्लड बैंक की तरफ लगे वाटर कूलर और पैथोलॉजी के पास लगे कूलर पर रहती है, लेकिन बुधवार को यहां भी गर्म पानी ही मिला।
इमरजेंसी की ओर लगा वाटर कूलर किसी तरह मरीजों की प्यास बुझा रहा है, जबकि बाकी स्थानों पर लगी मशीनें सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। कई तीमारदार बाहर से बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर दिखे। गरीब मरीजों ने बताया कि इलाज के साथ अब पानी पर भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। गौरतलब है कि गर्मी का पारा लगातार 40 डिग्री के पार बना हुआ है। ऐसे में अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर ठंडे पानी की व्यवस्था फेल होने पर सवाल उठ रहे हैं। एसआईसी डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि सभी वाटर कूलर चेक किए जाते हैं। ज्यादा उपयोग के कारण पानी लगातार ठंडा नहीं हो पाता। फिर भी जहां तक हो सकता है सुधार कराएंगे।
मरीजों और तीमारदारों के कोट्स
सुबह से अस्पताल में बैठे हैं। कई बार पानी पीने गए लेकिन हर जगह गर्म पानी मिला। इतनी गर्मी में ठंडा पानी भी न मिले तो मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। अस्पताल प्रशासन को कम से कम पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा तो ठीक रखनी चाहिए।
- मो. शहजाद
दवा लेने आए थे। चक्कर जैसा महसूस हुआ तो पानी पीने गया लेकिन पानी बिल्कुल गर्म था। मजबूरी में बाहर से बोतल खरीदनी पड़ी। गरीब आदमी इलाज कराए या पानी खरीदे, समझ नहीं आता। अस्पताल में ऐसी लापरवाही ठीक नहीं है।
- मो. कासिम
अस्पताल में हजारों लोग रोज आते हैं लेकिन पानी की कोई व्यवस्था सही नहीं है। वाटर कूलर सिर्फ दिखावे के लिए लगे हैं। मरीज धूप में परेशान हो रहे हैं और प्रशासन को इसकी चिंता ही नहीं दिखाई देती।
- अमर
बच्चे को दिखाने आई थी। गर्मी इतनी ज्यादा है कि बार-बार पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन अस्पताल में ठंडा पानी नहीं मिल रहा। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और ज्यादा दिक्कत पैदा कर रही है।
- शबाना
इमरजेंसी वाले कूलर पर इतनी भीड़ रहती है कि वहां पानी लेने में भी समय लग जाता है। बाकी सभी कूलर गर्म पानी दे रहे हैं। अस्पताल प्रशासन को नियमित जांच करानी चाहिए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- देवेंद्र सिंह
सरकारी अस्पताल में गरीब इलाज कराने आता है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं। गर्मी में ठंडा पानी सबसे जरूरी होता है। अगर यही हाल रहा तो मरीजों को पानी बाहर से ही खरीदना पड़ेगा।
- कौशल