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मुरादाबाद: जाकिर को नोटिस... मकान तुफैल का ढहा दिया, एमडीए की टीम को लोगों ने घेरा, अफसर भी रह गए सन्न

Wed, 04 Feb 2026 07:33 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, भगतपुर

सार

विशनपुर भीमाठेर में बिना मानचित्र बने अधबने मकान को तोड़ने पहुंची एमडीए टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पता चला कि नोटिस जाकिर के नाम पर था जबकि मकान तुफैल का तोड़ा गया। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा किया। 
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अगवानपुर में तोड़ा गया भवन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बिना मानचित्र बने मकान को तोड़ने पहुंची टीम को यहां भारी विरोध का सामना करना पड़ा। एमडीए ने नोटिस जाकिर के नाम से जारी किया था लेकिन जिस अधबने मकान पर जेसीबी चलाई गई वह तुफैल का था। इस पर गुस्साए लोगों ने प्राधिकरण की टीम को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया।

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जिस कार से अफसर गए थे उसकी चाबी भी निकाल ली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ में घिरी प्राधिकरण की टीम को निकाला। तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। एमडीए की टीम सहायक अभियंता योगेश गुप्ता की अगुवाई में मंगलवार को विशनपुर भीमाठेर में बिना मानचित्र के बने एक निर्माणाधीन मकान को तोड़ने पहुंची थी।

तुफैल के भवन निर्माण पर जैसे ही बुलडोजर चलाना शुरू किया तो मालिक कागजात दिखाकर कार्रवाई रोकने की फरियाद करने लगा। अधिकारी नहीं माने। निर्माण को जमींदोज कर दिया। गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि तुफैल सीआरपीएफ में हैं।
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उनकी तैनाती दिल्ली में है। तुफैल के अनुसार 2014 में विशनपुर भीमाठेर भट्ठे के पास उन्होंने भाई जाबिर और बहनोई आसिफ के साथ मिलकर एक प्लॉट खरीदा था। जिसके एक साल बाद ही उन्होंने मकान का निर्माण शुरू कर दिया था। 2016 में मानचित्र नहीं होने की वजह से काम बीच में रोक दिया।

तब से अधबना मकान ऐसे ही पड़ा था। मंगलवार को एमडीए की टीम मकान को गिराने पहुंच गई। प्राधिकरण के अफसरों द्वारा जब लगातार नोटिस भेजे जाने की बात कही गई तो तुफैल के बहनोई आसिफ का कहना है कि एमडीए में जाकर नोटिस के बारे में पता किया तो नोटिस जाकिर के नाम था, जो पड़ोसी हैं, उनका मकान यहां से 300 मीटर की दूरी पर है।

तोड़ा गया मकान तुफैल का है, जिन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। एमडीए की यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम को बंधक नहीं बनाया बल्कि टीम के सामने अपनी बात रखी थी।

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सवाल नाम का नहीं है, जब यह संपत्ति सत्यापित की गई तो यही संपत्ति जाकिर की बताई गई थी। नाम गलत था तो संपत्तिधारक को ठीक कराना चाहिए था। दो वर्षों में चार नोटिस के बावजूद भी कोई जवाब नहीं दिया। संपत्ति किसी के नाम हो लेकिन बिना मानचित्र के नहीं बनाई जा सकती। कार्रवाई बिना मानचित्र के भवन निर्माण करने पर की गई है। - योगेश गुप्ता, सहायक अभियंता, एमडीए।
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