मुजफ्फरपुर से देहरादून जा रही राप्ती गंगा एक्सप्रेस के जनरल कोच में मंगलवार सुबह एक महिला की डिलीवरी हो गई। घटना सुबह नौ बजे की है। ट्रेन उस वक्त रामपुर से चली थी और मुरादाबाद से लगभग 12 किमी दूर थी। जनरल कोच में ही महिला सहयात्रियों ने कुछ उसकी डिलवरी कराई।
ट्रेन मुरादाबाद स्टेशन पर रुकी तो महिला व नवजात को उतारकर एंबुलेंस के जरिए महिला अस्पताल भेजा गया। नवजात बालक का वजन महज 1660 ग्राम है। डॉक्टरों ने उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर एसएनसीयू में रखा है। प्रसूता कोमल देवी (20) ने बताया कि वह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली है।
अपने पति उदय कुमार के साथ देहरादून जाने के लिए राप्ती गंगा एक्सप्रेस में सफर कर रही थी। ट्रेन बरेली से आगे बढ़ी तो उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। रामपुर में ट्रेन का ठहराव केवल दो मिनट का था इसलिए वहां मेडिकल टीम नहीं आ पाई। इस बीच दर्द तेज होता गया और मुरादाबाद पहुंचने से पहले ही ट्रेन में उसने बेटे को जन्म दिया।
टीटीई व पुलिस एस्कॉर्ट ने रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। रेलवे की टीम मुरादाबाद स्टेशन पर पहुंच गई। बिना देर किए जच्चा-बच्चा को महिला अस्पताल भेजा गया। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि महिला के अंदर खून की कमी है। बच्चा 33 सप्ताह के गर्भ के बाद ही पैदा हो गया।
इसलिए उसके फेफड़े कमजोर हैं और वजन काफी कम है। फिलहाल बाल रोग विशेषज्ञों की देखरेख में एसएनसीयू में रखा गया है। सामान्य तौर पर बच्चे का जन्म गर्भ के 40 सप्ताह पूरे होने पर होना चाहिए। नवजात का वजन 2.5 किलो या उससे अधिक होना चाहिए।
जबकि इस केस में 1660 ग्राम है। दूसरी ओर ट्रेन में डिलीवरी के दौरान महिला को प्राथमिक उपचार देने वाली सहयात्रियों की रेलवे टीम ने प्रशंसा की है।