मुंबई के हामिद अंसारी के भारत लौटने के बाद सऊदी अरब में एक शेल्टर होम में ‘कैद’ मुगलपुरा की अशरफ जहां के परिवार वालों की आस भी जगी है। उनका कहना है कि अगर एक बार विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक उनकी आवाज पहुंच जाए तो उसकी अपने मुल्क हिंदुस्तान वापसी हो सकती है। सोशल मीडिया के जरिए अफसर जहां ने अपने दामाद से मदद मांगी है।
मुगलपुरा में जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) के दामाद आसिफ नवाज ने बताया कि ढाई साल पहले अशरफ जहां नौकरी के लिए सऊदी अरब गई थी। अमरोहा के नौगावां सादात निवासी एक एजेंट ने उनका पासपोर्ट और वीजा बनवाया था। सऊदी अरब में उनको घरेलू सहायिका की नौकरी मिली।
अशरफ जहां ने अपने दामाद को बताया है कि जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर उनको एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया। पासपोर्ट भी छीन लिया। मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं।
पुलिस ने उनको एक शेल्टर होम में भेज दिया। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह अशरफ जहां के परिवार वालों के बारे में जानकारी कर घर वापसी में मदद करे। लेकिन ऐसा नहीं कि या। अशरफ जहां को पिछले छह माह से शेल्टर होम में बंधक बनाकर रखा गया है, उनसे वहां पर काम करवाया जाता है।