दिसंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम सर्द होने लगा है। रविवार शाम बादल छाने और देर रात हल्की बारिश की वजह से ठंड बढ़ गई। मौसम विभाग ने दो दिन तक सुबह-शाम बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। रविवार को मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह निकली धूप दोपहर तक रही।
शाम को लगभग चार बजे बादल छाए और शाम छह बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे ठिठुरन बढ़ गई। रविवार को अवकाश होने की वजह से शाम के समय लोग घरों से बाहर निकलने से बचे। मौसम विज्ञान विभाग के डाटा संग्रह केंद्र के अधिकारियों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह वातावरण में नमी 80 फीसदी थी, जो शाम को 57 फीसदी दर्ज की गई। सुबह के समय पश्चिमी दिशा से हवा पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटे और शाम को 15 किलोमीटर प्रति घंटे रही। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बना हुआ है। इसकी वजह से बादल आ रहे हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश का भी अनुमान है। हालांकि सभी जगह सुबह-शाम दो दिन तक बादल रह सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। इसकी वजह से हवा चलेगी और मैदानी क्षेत्रों में ठंड में बढ़ोतरी होगी।
बच्चों को बोतल से न पिलाएं दूध, हो सकता है निमोनिया
मौसम में बदलाव के साथ ही बच्चों में सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ रही है। बच्चों को बुखार-खांसी, सांस फूलने की समस्या, निमोनिया हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार खासकर तीन महीने से दो साल तक के बच्चों में यह समस्या हो रही है। चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि ओपीडी में प्रतिदिन सौ से 125 मरीज आ रहे हैं।
इसमें खांसी-बुखार के मरीज 25 मरीज हैं। दो से तीन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत महसूस होती है, क्योंकि उनकी सांस ज्यादा फूल रही है या फिर दूध नहीं पी रहे और खाना नहीं खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को अच्छे तरीके से कपड़े पहनाकर रखें।
यह करें उपाय
- ठंडी चीज या फिर फ्रिज में रखा दूध न दें।
- फलों में सेब, केला खाने को दे सकते हैं। संतरा सुबह और शाम को न दें।
- बच्चों को बोतल से दूध न पिलाकर चम्मच से दूध पिलाएं।
- बोतल से दूध पिलाने पर निमोनिया और दस्त हो सकते हैं। क्योंकि इसमें संक्रमण होने का खतरा होता है।
- यदि बच्चों की पसलियां चलने लगें तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
- दोपहिया वाहन पर बच्चों को ले जाते समय स्वेटर के अलावा गर्म कैप पहनाएं।
- रात को पंखा न चलाएं।
- मच्छरों से बचाने के लिए ऑल आउट चलाते समय खिड़की दरवाजे खोलकर रखें
- ऑल आउट के धुएं से बच्चों को समस्या हो सकती है, इसलिए इसे एक-दो घंटे जलाएं और फिर बंद कर दें।