चौकी, थाने और अफसरों के दफ्तर का चक्कर काटती रही पीड़िता
क्लर्क ने शादी से इनकार किया तो पीड़िता ने सबसे पहले खुशहालपुर पुलिस चौकी में शिकायतीपत्र दिया। पीड़िता ने बताया कि यहां चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में एक माह में शादी होने की बात तय हो गई थी, लेकिन दो दिन बाद फिर उसने शादी करने से इन्कार कर दिया। तब युवती ने थाने में तहरीर दी। यहां भी समझौते के लिए दबाव बनाया गया।
पीड़िता 23 अप्रैल को डीआईजी मुनिराज जी से मिली और कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने मझोला थाना प्रभारी को कार्रवाई करने के आदेश दिए लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। 22 मई को युवती दोबारा डीआईजी से मिली। डीआईजी ने कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन पीड़िता को थाने से टकरा दिया गया।
28 मई को फिर से डीआईजी के पास पहुंची। पीड़िता ने बताया कि उसके मामले में अब तक केस दर्ज नहीं किया गया है। डीआईजी ने फिर आदेश कर दिए लेकिन पीड़िता को निराशा ही हाथ लगी। 29 मई को युवती एक बार फिर डीआईजी के पास पहुंच गई।
इस बार डीआईजी ने अपने कार्यालय से फोन लगवा दिया और रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर नाराजगी दिखाते हुए केस दर्ज करने के आदेश दिए। उसी दिन मझोला थाने में आरोपी ओमकार, सुरजीत सिंह, विवेक, राहुल, सुरेंद्र सिंह, हरि सिंह, राजेंद्री, प्रियंका और पूजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
कुंदरकी उपचुनाव में भी अखिलेश के निशाने पर आए थे इंस्पेक्टर
कुंदरकी उपचुनाव के दौरान इंस्पेक्टर आरपी शर्मा मूंढापांडे थाने के प्रभारी थे। सपा प्रत्याशी राजी रिजवान ने आरपी शर्मा पर भाजपा के पोलिंग एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया था और बाद में लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान आरपी शर्मा का नाम लिया था।