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Moradabad: चाैकी-थाने के चक्कर लगाती रही दुष्कर्म पीड़िता, DIG के आदेश पर कार्रवाई नहीं.. इंस्पेक्टर निलंबित

Sat, 28 Jun 2025 11:13 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

डीआईजी मुरादाबाद के आदेश के बाद भी दुष्कर्म पीड़िता की सुनवाई नहीं होने पर इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। मझोला क्षेत्र थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती ने भगतपुर निवासी पर कई आरोप लगाए थे।
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मुनिराज जी डीआईजी मुरादाबाद - फोटो : सूचना
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विस्तार
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डीआईजी मुनिराज जी के आदेश के बावजूद मझोला थाने में दुष्कर्म पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता अपने मां-बाप के साथ डीआईजी से मिली और उसने कार्रवाई की दोबारा मांग की। डीआईजी ने इस मामले में एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार से जांच कराई।

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जांच रिपोर्ट में पीड़िता के आरोप सही पाए जाने पर मझोला थाना प्रभारी आरपी शर्मा को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। मझोला क्षेत्र थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती ने डीआईजी को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उसका रिश्ता भगतपुर निवासी ओमकार के साथ तय हुआ था।

ओमकार सेल्स टैक्स विभाग में क्लर्क है। इसी साल जनवरी माह में रिश्ता तय होने के बाद होटल में तिलक और गोदभराई की रस्म हुई थी। शादी की तारीख नजदीक आने पर ओमकार के पिता ने दहेज में 30 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ओमकार ने नया मुरादाबाद में अपना मकान बनाया है।
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इसी मकान को दिखाने बहाने आरोपी ने उसे बुला लिया और नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म किया। नौ मई को शादी होनी थी लेकिन आरोपी युवक ने शादी से इन्कार कर दिया। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत पुलिस की लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।

तब पीड़िता ने अपने मां-बाप के साथ डीआईजी मुनिराज जी से मिलकर प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन थाने में कार्रवाई के बावजूद समझौते का प्रयास किया गया। दोनों पक्षों में समझौता न होने पर पीड़िता ने फिर से डीआईजी से शिकायत की। फिर से आदेश हुआ लेकिन कार्रवाई इस बार भी नहीं की गई।

डीआईजी ने इस मामले में एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार से जांच कराई। जांच में पीड़िता के आरोप सही पाए गए है। डीआईजी मुनिराज जी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आरपी शर्मा को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उनके बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है।

चौकी, थाने और अफसरों के दफ्तर का चक्कर काटती रही पीड़िता
क्लर्क ने शादी से इनकार किया तो पीड़िता ने सबसे पहले खुशहालपुर पुलिस चौकी में शिकायतीपत्र दिया। पीड़िता ने बताया कि यहां चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में एक माह में शादी होने की बात तय हो गई थी, लेकिन दो दिन बाद फिर उसने शादी करने से इन्कार कर दिया। तब युवती ने थाने में तहरीर दी। यहां भी समझौते के लिए दबाव बनाया गया।  

पीड़िता 23 अप्रैल को डीआईजी मुनिराज जी से मिली और कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने मझोला थाना प्रभारी को कार्रवाई करने के आदेश दिए लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। 22 मई को युवती दोबारा डीआईजी से मिली। डीआईजी ने कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन पीड़िता को थाने से टकरा दिया गया।

28 मई को फिर से डीआईजी के पास पहुंची। पीड़िता ने बताया कि उसके मामले में अब तक केस दर्ज नहीं किया गया है। डीआईजी ने फिर आदेश कर दिए लेकिन पीड़िता को निराशा ही हाथ लगी। 29 मई को युवती एक बार फिर डीआईजी के पास पहुंच गई।

इस बार डीआईजी ने अपने कार्यालय से फोन लगवा दिया और रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर नाराजगी दिखाते हुए केस दर्ज करने के आदेश दिए। उसी दिन मझोला थाने में आरोपी ओमकार, सुरजीत सिंह, विवेक, राहुल, सुरेंद्र सिंह, हरि सिंह, राजेंद्री, प्रियंका और पूजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 

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कुंदरकी उपचुनाव में भी अखिलेश के निशाने पर आए थे इंस्पेक्टर
 कुंदरकी उपचुनाव के दौरान इंस्पेक्टर आरपी शर्मा मूंढापांडे थाने के प्रभारी थे। सपा प्रत्याशी राजी रिजवान ने आरपी शर्मा पर भाजपा के पोलिंग एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया था और बाद में लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान आरपी शर्मा का नाम लिया था।
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