साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने छत्तीसगढ़ प्रांत के दुर्ग और भिलाई जिले के सात युवकों को गिरफ्तार कर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो फर्जी बैंक किट, एटीएम, चेक, पांच मोबाइल से, तीन लैपटॉप आदि बरामद किया है।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अभी तक करीब 21 करोड़ रुपये की ठगी करने की घटना को स्वीकार किया है। बताया कि वे ठगी के पैसे से हवाई जहाज से यात्रा करते थे। साइबर थाने के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार आरोपी सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि उसका एक साथी धीरज राठौर लखनऊ का रहने वाला है।
वही इस गिरोह का सरगना है। आरोपी सूरज कुमार वर्मा, धीरज राठौर के साथ पहले गुरुग्राम सेक्टर 57 में रहकर महादेव बैटिंग ऐप पर आईडी बनाकर विभिन्न खेलों में सट्टा लगाकर ऑनलाइन ठगी करते थे। पुलिस के छापे पड़ने लगे तो सभी वहां से भाग कर छत्तीसगढ़ में छिप गए थे।
इसके बाद आरोपी धीरज ने सूरज से ऐसे कॉरपोरेट अकाउंट की डिमांड की। जिसमें एक दिन में 5 करोड़ तक की लेनदेन होती है। सूरज के अलावा आरोपी धीरज राठौर ने अन्य आरोपियों को भी अपने साथ काम करने के लिए राजी किया था।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि धीरज ही उनके लिए हवाई जहाज से आने-जाने और अलग-अलग जगह रुकने की व्यवस्था करता था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पूरे देश में घूम-घूम कर अलग-अलग शहर में कुछ कुछ समय रुकता है और वहां कमरे में बैठे-बैठे या एकांत स्थान से लोगों को अपना शिकार बनाता है।
एक जगह से धन बटोरने के बाद आरोपी ठिकाना बदल लेते थे। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि अब तक साइबर फ्रॉड और महादेव बैटिंग एप के जरिये करीब 21 करोड़ रुपये लोगों से ठग चुके हैं। इससे अपने महंगे शौक पूरा करते हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि अधिकांश आरोपी 10वीं या 12वीं तक की ही पढ़ाई किए हैं। आरोपियों में से भूपेंद्र सिंह चौहान ऐसा है जिसने पॉलिटेक्निक और पवन कुमार यादव ने बीकॉम किया है।