बिलारी में आशा मंजू देवी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि ब्याज के दो लाख रुपये नहीं देना पड़े इसलिए चाचा-भतीजे ने मिलकर महिला को मार डाला था। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।
बिलारी थाना क्षेत्र के अहरोला निवासी आशा मंजू देवी (50) की हत्या ब्याज के रुपयों का तकादा करने पर मल्लपुर सिधारी गांव निवासी इंद्रकेश ने भतीजे के साथ मिलकर की थी। महिला का शव 10 जुलाई को बीरमपुर-रोजा संपर्क मार्ग पर गन्ने के खेत में मिला था। पुलिस ने शनिवार को दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि बिलारी क्षेत्र के अहरोला गांव की निवासी आशा वर्कर मंजूदेवी करीब चार साल से बिलारी की देवधाम काॅलोनी में रह रही थी। 10 जुलाई की सुबह मंजू देवी का शव बीरमपुर-रोजा संपर्क मार्ग पर गन्ने के खेत मेंं मिला था। उनकी दायीं कनपटी पर गहरी चोट का निशान मिला था।
11 जुलाई को मंजू के पति मनवीर सिंह ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने देवधाम काॅलोनी से लेकर घटनास्थल तक के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। कुछ चिह्नित नंबरों की सीडीआर निकलवाने के अलावा संदिग्धों से पूछताछ की।
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शनिवार को बिलारी पुलिस ने मल्लपुर सिधारी गांव निवासी इंद्रकेश और उनके भतीजे गगन को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी इंद्रकेश ने बताया कि उसने मंजू देवी से ब्याज पर दो लाख रुपये लिए थे। वह रुपये वापस नहीं कर पा रहा था।
मंजू देवी घर आकर रुपयों के लिए तगादा करता थी। रुपये न देने वह सबके सामने अपमानित करके जाती थी। इससे गांव में मेरी बदनामी हो रही थी। अपने भतीजे के साथ मिलकर मंजू को पैसे देने के बहाने बुला लिया था। उसे बाइक पर बैठाकर जंगल में ले गए और रास्ते में गोली माकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया।