107 किशोरों की सुरक्षा में पांच होमगार्ड और एक सिपाही
राजकीय संप्रेक्षण गृह में न तो ठीक ढंग से साफ-सफाई होती और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। जिस शौचालय का रोशनदान तोड़कर किशोर भागे थे वह शौचालय की संप्रेक्षण गृह की चहारदीवारी के बाहर बना है। इसके कारण किशोर आसानी से भाग गए। इससे पहले भी किशोर यहां से भाग चुके हैं।
बावजूद इसके न तो निगरानी बढ़ाई गई और न ही शौचालय को संप्रेक्षण गृह के अंदर बनाया गया। फकीरपुरा स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में मुरादाबाद के अलावा अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल के 107 किशोर बंद हैं, जबकि क्षमता 100 किशोरों की है। इन किशोरों की निगरानी के लिए पांच होमगार्ड और एक सिपाही की ड्यूटी रहती है।
साफ-सफाई पर भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा किशोरों के लिए शौचालय नहीं है। नगर निगम की ओर से संप्रेक्षण गृह के पास सार्वजनिक शौचालय बनाया गया था। इस शौचालय को किशोर इस्तेमाल रहे हैं। संप्रेक्षण गृह से एक दरवाजा शौचालय के लिए खोल दिया गया है।
इसी दरवाजे के जरिये किशोर शौचालय आते हैं। इसी का फायदा उठाकर तीनों किशोर शौचालय के रोशनदान का सरिया तोड़कर भाग गए।