इसमें कहा गया था कि मां पुष्पा उर्फ नन्ही देवी छोटे भाई श्यामेंद्र के साथ राशन लेने के लिए जा रही थी। इसी समय गांव में ही रहने वाले मेरे तहेरे भाई रोबिन राघव ने मेरी मां को गंदी गंदी गालियां देनी शुरू कर दी। रोबिन का मुझसे रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। मां और छोटे भाई ने इसका विरोध किया तो उसने हथौड़े से मेरी मां के सिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया। जिससे उसकी मां की मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले में थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन विमल कुमार वर्मा की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव और दिनेश कुमार कश्यप ने बताया कि इस मामले में घटना के समय प्रत्यक्षदर्शी श्यामेंद्र जो कि वादी का छोटा भाई भी है।
अदालत में आकर सारी घटना की जानकारी दी। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रोबिन को हत्या का दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मजदूरी के रुपए को लेकर था विवाद
वादी अमित राघव के अनुसार रोबिन मजदूरी पर नौकरी कराता था। जिसके पास अमित भी काम करने के लिए जाता था।रोबिन ने अमित की मजदूरी के रुपये नहीं दिए थे। जिस कारण से दोनों में विवाद हो गया था। जिसे परिवार के लोगों ने शांत कराया था, लेकिन रोबिन रंजिश रखने लगा। इसी रंजिश के चलते उसने मेरी मां की हत्या कर दी थी।