राजस्व वसूली में मुरादाबाद ने अयोध्या को पीछे छोड़ा
अपर आयुक्त ग्रेड-1 आरए सेठ के अनुसार राजस्व वसूली के मामले में मुरादाबाद मंडल ने जनवरी माह में अयोध्या मंडल को भी पीछे छोड़ दिया है। मुरादाबाद मंडल ने जनवरी माह में 130 करोड़ 21 लाख राजस्व इकट्ठा किया है, जो पिछले साल से 33 प्रतिशत अधिक है। दस माह में मुरादाबाद मंडल ने 1087 करोड़ का राजस्व हासिल किया है।
विभाग ने इस साल मार्च तक के लिए 1824 करोड़ का लक्ष्य दिया है। दिसंबर 23 में मुरादाबाद प्रदेश में चौथे स्थान पर था। इसी प्रकार इटावा मंडल ने 81 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इटावा ने पिछले साल की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक वसूली की है।
अयोध्या 149 करोड़ राजस्व हासिल कर प्रदेश में तीसरे स्थान पर खिसक गया है। अयोध्या ने पिछले साल की अपेक्षा 33 प्रतिशत अधिक वसूली की है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हुआ नया प्रयोग
अपर आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2023 राज्य कर विभाग में नए प्रयोगों का वर्ष रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने पांच साल तक राज्यों को प्राप्त हो रहे राजस्व में कमी की नियमित रूप से पूर्ति की। वर्ष 2023-24 से केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली सहयोग राशि बंद कर दी गई।
इस कमी को पूरा करने के लिए आयुक्त मिनिष्ती एस. ने कर-निर्धारण के कार्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया और कर चोरी रोकने के लिए डाटा एनालेसिस पर विशेष जोर दिया। परिणाम स्वरूप कर निर्धारण के कार्य में अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया।
रिटर्न फाइल करने में मुरादाबाद तीसरे स्थान पर
मुरादाबाद मंडल के व्यवसायी रिटर्न फाइल करने के मामले में प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। मुरादाबाद मंडल के 33 हजार 960 कारोबारियों ने रिटर्न फाइल किया है जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। अलीगढ़ मंडल के 94.95 प्रतिशत व्यवसायी रिटर्न फाइल कर पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। आगरा के 94.70 प्रतिशत व्यवसायी रिटर्न दाखिल कर तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।