मुरादाबाद। वायु प्रदूषण की वजह से पीतल नगरी ज्यादातर समय देश के टॉप टेन प्रदूषित शहरों में शामिल रहता है। एक सप्ताह तक लाल और मैरून स्थिति में रहने के बाद शुक्रवार और शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ से नीचे दर्ज किया गया था, लेकिन रविवार को मौसम में बदलाव होने के साथ ही फिर एक्यूआई साढ़े तीन सौ से ऊपर पहुंच गया। रविवार को अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हवा चलने पर ही प्रदूषण में गिरावट आएगी।
बंगला गांव, नागफनी, लालबाग, गलशहीद आदि क्षेत्रों की तंग गलियों में घरों में पीतल गलाने और पॉलिश का काम किया जाता है। स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से लोग भी इस काम में लगे हुए हैं। इसके अलावा शहर में ई-कचरा भी जलाया जा रहा है। इससे निकलने वाला धूआं लोगों की सांसों में जहर बनकर पहुंच रहा है। पिछले दिनों जब लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह मुरादाबाद आए थे, तब भी जिला स्तरीय अधिकारियों ने उनके समक्ष शहर के प्रदूषण का मुद्दा उठाया था, लेकिन अभी तक आगे की कार्यवाही नहीं हुई है।
शहर में सिर्फ 11 वैध उद्योग
मुरादाबाद में करीब चार हजार पीतल भट्ठियों से निकलने वाला काला धुआं आसमान पर छाकर प्रदूषण के स्तर को इतना बढ़ा देता है कि पीतल नगरी देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हो जाता है, लेकिन कागजों में इनके संचालन की अनुमति नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सिर्फ 11 उद्योग ही वैध हैं, जिनमें चिमनी लगी है। इसके बावजूद अधिकारियों की नजरों में रहकर खुलेआम अवैध पीतल भट्ठियां संचालित हो रहीं हैं।
कोविड ने बढ़ा दिया शोध का समय
मुरादाबाद के प्रदूषण पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनजीटी और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नजर है। शहर में प्रदूषण के कारणों को जानने और इससे निजात पाने के समाधान के लिए यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आईआईटी दिल्ली को शोध करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। यह कार्य मई-जून तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से अब समय बढ़ा दिया गया है।
360 रहा एक्यूआई
रविवार शाम सात बजे मुरादाबाद का एक्यूआई 360 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। भले ही शहर टॉप टेन प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर था, लेकिन पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर पांच सौ दर्ज किया गया। पीएम 10 का अधिकतम स्तर 453 और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 95 रहा।
17.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 17.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा पश्चिम दिशा से दस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से रही।
नगर निगम पानी का छिड़काव करवा रहा है, लेकिन प्रदूषण के स्तर पर कोई असर नहीं हो रहा है। ठंड बढ़ते ही वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ जाता है। हवा तेज होगी तो प्रदूषण के स्तर में गिरावट आएगी। मुरादाबाद में सिर्फ 11 वैध उद्योग हैं, जिनमें चिमनी लगी है। शेष सभी पीतल भट्ठियां अवैध हैं। शिकायत मिलने पर इन्हें बंद कराने की कार्रवाई की जा रही है।
विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड