नियामतपुर इकरोटिया टोल प्लाजा पर भाकियू अराजनैतिक के बरेली जिलाध्यक्ष की कार रोकने पर समर्थकों ने हंगामा किया। उनकी टोलकर्मियों से धक्कामुक्की हो गई। विरोध में कार्यकर्ताओं ने टोल पर धरना दिया। इससे हाईवे पर जाम लग गया। सीओ हाईवे के समझाने पर एक घंटे बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
नियामतपुर इकरोटिया टोल प्लाजा पर भाकियू अराजनैतिक के बरेली जिलाध्यक्ष की कार रोकने पर समर्थकों ने हंगामा शुरू दिया। साथ ही टोलकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के धरना देने पर हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गईं।
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सीओ हाईवे के समझाने पर एक घंटे बाद किसान नेता और कार्यकर्ता टोल प्लाजा से हटे। इसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। भाकियू अराजनैतिक के बरेली के जिलाध्यक्ष तेजपाल गंगवार शनिवार दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली से बरेली जा रहे थे।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि टोलकर्मियों ने उनकी कार रोक ली और अभद्रता की। कार रोके जाने की सूचना पर ब्लाॅक अध्यक्ष शंकर सिंह के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता टोल पर धरने पर बैठ गए।
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इस दौरान टोलकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की भी हुई। हंगामा के कारण टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर पुलिस के साथ सीओ हाईवे अंकित कुमार झा भी पहुंच गए। जिलाध्यक्ष ने टोलकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
लंबा जाम लगता देख सीओ हाईवे ने किसानों को समझाया। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन के बाद भाकियू नेता व कार्यकर्ता धरने से हटे। किसान नेताओं ने कहा कि यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन में दानिश चौधरी, सोनू, रवि आदि उपस्थित रहे।
फ्री में गाड़ी निकालने को लेकर हुआ विवाद
सीओ हाईवे ने बताया कि भाकियू जिलाध्यक्ष और टोलकर्मियों के बीच गलतफहमी के कारण कहासुनी हो गई थी। किसानों को समझा कर भेज दिया गया। टोल के शिफ्ट प्रभारी महेश कुमार त्यागी ने बताया कि जिलाध्यक्ष कार फ्री में निकालने के लिए दबाव बना रहे थे। स्थानीय भाकियू नेता ने भी गाड़ियों को निकालने का कोई संदेश नहीं दिया था।