लोकसभा चुनाव से पहले कुंदरकी से तीन बार विधायक रहे मोहम्मद रिजवान ने बसपा का दामन छोड़कर सपा की सदस्यता ली है। इसके अलावा संभल से दो बार नगर पालिका अध्यक्ष रही तरन्नुम अकील ने रालोद से नाता तोड़ लिया है।
लोकसभा चुनाव से पहले कुंदरकी से तीन बार विधायक रहे हाजी मोहम्मद रिजवान एक बार फिर साइकिल पर सवार हो गए हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कुंदरकी से सपा से टिकट कटने पर हाजी रिजवान बसपा में शामिल हो गए थे। वहीं, अकीलुर्रहमान भी सपा में शामिल हो गए हैं।
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पूर्व विधायक हाजी रिजवान ने शनिवार को बेटे हाजी उवैश उर्फ कल्लन के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। इस दौरान सपा नेता जावेद आब्दी भी मौजूद रहे। हाजी रिजवान से अपने राजनैतिक करिअर की शुरुआत जिला पंचायत की राजनीति से की थी।
सबसे पहले वे जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। वर्ष 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में कुंदरकी से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज कर विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कुछ वोट से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि वर्ष 2012 और वर्ष 2017 के चुनाव में सपा के टिकट पर ही लगातार विधायक चुने गए।
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वहीं, रालोद के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान खां ने सपा का थामन थाम लिया है। उन्होंने शनिवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से शनिवार को लखनऊ में मुलाकात कर पार्टी की सदस्यता ली। वहीं, नगर पालिका संभल की दो बार अध्यक्ष रहीं अकीलुर्रहमान की पत्नी तरन्नुम अकील भी सपा में शामिल हो गई हैं।