इसी दौरान मुस्लिम लीग के शिविर से जानवर के घुसने का शोर मच दिया था। दौड़कर अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत कर दिया। इसके बाद वहां शांति कायम रहने के लिए पुलिस बल लगा दिया गया था। इसके बाद अधिकारी डीएम और एसएसपी को जानकारी देने उनके स्थान पर पहुंचे।
वह कुछ ही दूरी पर पहुंचे थे कि इसी दौरान दंगा फिर से भड़क उठा। इसके बाद अधिकारी, पुलिस बल, और बधाई देने आए हिंदुओं पर पथराव कर दिया गया। हमले में बेल्चों, बांसों और चाकुओं का इस्तेमाल किया गया। डीएम, एसएसपी, एएसपी, सीओ पुलिस, पीएसी के जवान और हिंदुओं के गंभीर चोटें आई थीं।