फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरादाबाद दंगे: नगरपालिका अफसर की हत्या के बाद पुलिस ने चलाई थी गोली, तब ईदगाह में मौजूद थे 70 हजार लोग

Mon, 14 Aug 2023 09:33 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में 43 साल पहले हुए दंगे के दौरान दंगाइयों ने नगर पालिका के ओसी डीपी सिंह को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था। आंसू गैस और लाठीचार्ज का कोई असर न होने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने गोली चलाए जाने का सहारा लेने का निर्णय लिया था। 
विज्ञापन
मुरादाबाद दंगे (प्रतीकात्मक) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद में 13 अगस्त 1980 की सुबह ईदगाह पर नमाज के बाद मुस्लिम लीग के नेता डॉ. शमीम अहमद के उकसाने पर भड़की भीड़ ने सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मियों पर हमला शुरू कर दिया था। नगर पालिका के एक अधिकारी को पीट पीटकर मौत के घाट उतारा गया तो एडीएम सिटी के आदेश पर एएसपी ने भीड़ पर गोली चलवा दी थी।

विज्ञापन


आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार के दिन हुई यह हिंसा उस साल की देश की सबसे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। ईदगाह के मैदान और उसके पास करीब 70 हजार लोग मौजूद थे। ईदगाह से लेकर संभल चौराहे और दूसरी साइड में गलशहीद तक सड़क पर नमाजी मौजूद थे।

वहां उस वक्त के डीएम एसपी आर्य, एसएसपी विजय नाथ सिंह, एडीएम सिटी आरपी सिंह, सीओ एसके मिश्रा समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी के अलावा पुलिस और पीएसी के जवान मौजूद थे। इसके अलावा हर साल की तरह हिंदू भी ईद की बधाई देने के लिए मौजूद थे।

विज्ञापन

इसी दौरान मुस्लिम लीग के शिविर से जानवर के घुसने का शोर मच दिया था। दौड़कर अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत कर दिया। इसके बाद वहां शांति कायम रहने के लिए पुलिस बल लगा दिया गया था। इसके बाद अधिकारी डीएम और एसएसपी को जानकारी देने उनके स्थान पर पहुंचे।

वह कुछ ही दूरी पर पहुंचे थे कि इसी दौरान दंगा फिर से भड़क उठा। इसके बाद अधिकारी, पुलिस बल, और बधाई देने आए हिंदुओं पर पथराव कर दिया गया। हमले में बेल्चों, बांसों और चाकुओं का इस्तेमाल किया गया। डीएम, एसएसपी, एएसपी, सीओ पुलिस, पीएसी के जवान और हिंदुओं के गंभीर चोटें आई थीं।
विज्ञापन


एसएसपी विजय नाथ सिंह के सिर से खून बहने लगा था। उन्हें अस्पताल भिजवाया गया। दंगाइयों ने नगर पालिका के ओसी डीपी सिंह को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था। आंसू गैस और लाठीचार्ज का कोई असर न होने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने गोली चलाए जाने का सहारा लेने का निर्णय लिया।

एडीएम सिटी आरएस सिंह ने गोली चलाने का आदेश दिया। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक बीबी दास ने गोली चलवा दी थी। जिसके बाद दंगाई जिधर भी भाग सकते थे। भागना शुरू कर दिया था। इसके बाद भारी सख्या में लोग घायल हुए थे।

इसके बाद भीड़ ने गलशहीद चौकी फूंक दी थी। इसके बाद दुकानों में आग लगाने, लूटने और लोगों को छुरा घोंपने की घटनाएं हुई। सरकारी गाड़ियों में नुकसान पहुंचा गया। साढ़े दस बजे के बाद भी शहर में घटनाएं होती रही थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें