उसने कहा कि वह नए जन्मे बच्चों के कान में अजान देने अस्पताल में आता है। जबकि जिस बच्ची को वह उठाकर ले जा रहा था, उसके पिता इरशाद अली का कहना था कि वह उस व्यक्ति को जानते तक नहीं हैं। अस्पताल में किसी ने उसे अजान देने के लिए नहीं बुलाया।
इरशाद ने कहा कि उनकी पत्नी फरजाना ने कल ही बच्ची को जन्म दिया है। वह पोस्ट डिलीवरी वार्ड में दूसरी मंजिल पर भर्ती हैं। आरोपी बिना किसी से अनुमति लिए वार्ड के अंदर पहुंच गया और बच्ची को उठा लिया। नवजात बच्ची के पिता के बयान पर पुलिस उसे सिविल लाइंस थाने ले गई।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी के मुताबिक जांच में पाया गया कि युवक कुछ रुपयों के लालच में अस्पतालों में जाकर बच्चों के कान में अजान देता है। शहर में ही उसका परिवार रहता है। जांच के बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं अस्पताल की दूसरी मंजिल से ही एक और महिला आरोपी को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ा।
महिला का कोई परिजन अस्पताल में भर्ती नहीं था। वह उस वार्ड के बाहर बैठी थी, जहां नवजात और प्रसूता महिलाएं भर्ती किए जाते हैं। सुरक्षा कर्मियों के सवालों का वह जवाब नहीं दे पाई। उस महिला को भी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के मुताबिक उसके पास से जो दस्तावेज बरामद हुए, उसमें पता अमरोहा लिखा है। उस महिला को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
हमें शिकायत मिली है कि अस्पताल में बच्चा चोरी की नीयत से एक युवक ने प्रसूता के पास से नवजात को उठाया और जाने लगा। जबकि महिला आरोपी भी उसी मकसद से वहां बैठी थी। सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वार्ड में भर्ती प्रसूता महिलाओं को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। - डॉ. रनवीर सिंह, सीएमएस