रामगंगा पुल के दो पिलरों की बेयरिंग खिसकने से खतरा बढ़ गया है। लोनिवि ने सुरक्षा के लिए डीएम को पत्र भेजकर वाहनों के आवागमन को बंद करने का अनुरोध किया है। वहीं पुल के निरीक्षण के लिए शुक्रवार को मुंबई से विशेषज्ञों की टीम आएगी। इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
रामगंगा पुल पर आवागमन बंद होने की स्थिति में रोडवेज प्रबंधन ने आरटीओ कार्यालय के पास अस्थायी बस अड्डा बनाने का निर्णय लिया है। पीतलनगरी बस अड्डे से चलने वाली बसें संभल रोड स्थित अस्थायी बस अड्डे से ही चलेंगी।
बरेली, रामपुर, लखनऊ, पीलीभीत, उत्तराखंड, आगरा, अलीगढ़, चंदौसी, बदायूं जाने वाली बसें संभल रोड से जाएंगी। पीतलनगरी डिपो के एआरएम प्रेम सिंह ने बताया कि रामगंगा पुल पर आवागमन बंद होने पर बसों का संचालन अस्थायी बस अड्डे से किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गांगन पुल के बाद रामगंगा पुल पर आवागमन बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ जाएगी। रामगंगा पुल से प्रतिदिन 23 हजार वाहनों का आवागमन होता है। शहर में उत्तराखंड, ठाकुरद्वारा और बरेली की तरफ से आने वाला सबसे सुलभ मार्ग यही है। इस मार्ग पर फोर लेन जैसा वाहनों का दबाव है।
दिल्ली रोड पर बने गांगन पुल को पहले ही बंद किया जा चुका है, हालांकि, यहां पहले ही नया पुल बन चुका है, लेकिन रामगंगा पुल बंद होने से पंडित नगला बाईपास मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा। लोगों को पांच किलोमीटर घूमकर शहर में आना होगा।
शासन ने 50 साल पुराने पुलों की जांच कर लोनिवि से रिपोर्ट मांगी थी। इसी अभियान के तहत अधीक्षण अभियंता ने जिले के सभी पुलों की जांच करनी शुरू की है। इसके बाद गांगन और रामगंगा पुल की स्थिति के बारे में पता चल सका। जांच के दौरान अभी अन्य पुलों में भी गड़बड़ी मिलने की संभावना है।