रेलवे ने राजस्व बढ़ाने के लिए एक नई नीति बनाई है। इसके मुताबिक अब विज्ञापन कंपनियां रेलवे को नए तरीके से प्रचार प्रसार का सुझाव दे सकती हैं। यदि राजस्व बढ़ोतरी के लिए विज्ञापन का यह सुझाव लागू हुआ तो कंपनी को लाभांश का दो प्रतिशत दिया जाएगा। रेलवे का कहना है कि सुझाव देने वाली पार्टी उस सुझाव पर कार्य करने के लिए भी सक्षम होनी चाहिए।
सुझाव को कैसे लागू करना है इसके बारे में भी विस्तृत जानकारी देनी होगी। साथ ही वह सुझाव रेलवे में पहले से लागू नहीं होना चाहिए। प्रस्ताव के आधार पर योजना को लागू करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि यदि सुझाव देने वाली पार्टी खुद कार्य करके रेलवे को राजस्व दे सकती है तो उसे तरजीह दी जाएगी। इसके अलावा एक ओपन टंडर भी जारी किया जाएगा। इसमें कोई दूसरी कंपनी बोली लगाकर टेंडर ले सकती है। दूसरी कपंनी को टेंडर मिलने के बावजूद सुझाव देने वाली पार्टी को लाभांश का दो प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा।