मुरादाबाद। अलीगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़े बच्चा चोर गिरोह से मुरादाबाद पुलिस भी पूछताछ करेगी। यहां से भी चार बच्चे चोरी हो चुके हैं। जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया। मंगलवार को मुरादाबाद पुलिस ने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क कर ये जानने का प्रयास किया कि बरामद किए गए बच्चों में कोई बच्चा मुरादाबाद से तो चोरी नहीं किया गया था। इसके अलावा आरोपियों ने पूछताछ में यहां इस तरह किसी घटना को अंजाम तो नहीं दिया था।
अलीगढ़ पुलिस ने बच्चे चोरी कर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने नौ महिलाओं समेत 16 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। ये गिरोह झोपड़ी और सड़क किनारे सोने वाले खानाबदोश परिवारों के बच्चों को चोरी कर नि:संतान अमीर दंपतियों को बेचता था। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर पांच बच्चे भी बरामद किए हैं।
जांच पड़ताल और पूछताछ में पता चला है कि तीन बच्चे अलीगढ़ से और दो बच्चे गाजियाबाद से चोरी किए गए थे। जिस तरह इस गिरोह ने बच्चे चोरी की घटनाएं की हैं। ठीक उसी अंदाज में मुरादाबाद से भी बच्चे चोरी हुए हैं।
मुरादाबाद के कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन केे पास 13 जुलाई 2021 की देर रात सड़क किनारे सो रहे खानाबदोश परिवार का छह माह का बच्चा चोरी किया गया था। इससे पहले गलशहीद क्षेत्र में ढाई साल पहले रोडवेज बस अड्डे से भी एक बच्चा चोरी किया गया था। आरोपी महिला और उसका साथी बच्चे की मां को कंबल दिलाने के बहाने बस अड्डे पर ले गए थे। मां को बातों में उलझाकर महिला और उसका साथी बच्चा लेकर भाग गए थे। इसी तरह सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के कपूर कंपनी तिराहे के पास भी 12 अक्तूबर 2020 की रात बच्चा चोरी की घटना हुई थी। दो साल का बच्चा अरमान अपने मां-बाप के बीच सो रहा था। आरोपी बच्चे को मां बाप के बीच से निकालकर ले गए थे।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपियों की तस्वीरें कैद हो गई थीं। बावजूद इसके पुलिस अब तक बच्चे को नहीं ढूंढ पाई। एक साल पहले कपूर कंपनी तिराहे के पास फल मंडी में फल बेचने वाली महिला का बच्चा भी गायब है।
पुलिस की कई टीमों ने चोरी किए गए बच्चों की बरामदगी के प्रयास किए, मगर सफलता नहीं मिल पाई। अब अलीगढ़ में गिरोह पकड़ा गया है तो एक आस जागी है कि इस गिरोह से पूछताछ के बाद बच्चे के बारे में कोई जानकारी मिल सकती है। मुरादाबाद पुलिस ने इसके लिए अलीगढ़ पुलिस से संपर्क भी किया है। जल्द ही पुलिस टीम अलीगढ़ जाकर गिरोह के सदस्यों से पूछताछ करेगी। ताकी यहां से चोरी किए गए बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिल सके।