स्वच्छता रैंकिंग पर पड़ सकता है असर
कूड़े के निस्तारण में हुई इस लापरवाही का असर शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर भी पड़ सकता है। नगर निगम ने पिछले कई सालों में शहर की स्वच्छता को लेकर कई काम किए हैं। इसके चलते ही वर्ष 2022 में शहर को देश भर में 95वीं रैंक प्राप्त हुई थी। हालांकि, पिछले साल की रिपोर्ट में शहर की रैंकिंग एक बार फिर पिछड़ गई थी और 130वां स्थान प्राप्त हुआ था।
इस बार नगर निगम की ओर से स्वच्छता को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे शहर को अच्छी रैंकिंग मिल सके, लेकिन कूड़े का निस्तारण न हो पाने से नगर निगम की इस मेहनत पर भी पानी फिर सकता है।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी को भी नोटिस
नगर निगम की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी लॉयन को भी नोटिस दिया गया है। लॉयन के कामकाज में भी लापरवाही की शिकायत सामने आई है। कंपनी पर 20 वॉर्डों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी है, जबकि दूसरी कंपनी आयुषी पर 50 वार्डों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी है।
काम में लापरवाही बरतने पर लाॅयन कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। नगर आयुक्त की ओर से दीपावली के बाद इन दोनों कंपनियों के काम की समीक्षा की जाएगी। उसके बाद लापरवाही मिलने पर कार्रवाई हो सकती है।
कूड़ा निस्तारण करने वाली कंपनी को 14 बार नोटिस दिया जा चुका था, लेकिन कंपनी की ओर से काम में सुधार नहीं किया जा रहा था। इसके कारण कंपनी का टेंडर निरस्त करते हुए नया टेंडर निकाला गया है। साथ ही कंपनी पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है और उसे काली सूची में डाल दिया गया है। -अभिषेक कुमार, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम